विचार

जो ट्रम्प के साथ हुआ, वो भारत में हिन्दुओं के साथ भी हो सकता है: फेसबुक-ट्विटर को सामानांतर सरकार बनने से रोकिए

आप किसी साधु की तस्वीर डालते हैं। ट्विटर-फेसबुक उसे कट्टर बताते हुए सेंसर कर दें। आप वेद-पुराणों से उद्धरण डालते हैं। उन्हें अन्धविश्वास की केटेगरी में रख दिया जाए। खुश मत होइए, भारत में ये दिन जल्द ही देखने को मिल सकता है।

KHAM, यानी हिंदुओं को बाँटो-मुस्लिमों को पालोः माधव सिंह सोलंकी ने जो बोया, कॉन्ग्रेस को गुजरात में उसी ने चाटा

माधव सिंह सोलंकी का 9 जनवरी को निधन हो गया। इसके साथ ही उनके 'खाम' फॉर्मूले का यशोगान शुरू हो गया है। जानिए, क्या था KHAM और कैसे था हिंदू विरोधी?

नमस्कार, मैं भारत का वामपंथ… RSS ने करवाया अमेरिकी संसद पर हमला!

मैं वो फेसबुकिया चिरकुट हूँ जिसे यह नहीं पता कि दूध जानवर से मिलता है न कि मदर डेयरी से, पर मैं वैश्विक मुद्दों पर सबसे पहले प्रोफाइल पिक्चर बदल कर काला कर लेता हूँ।

राजदीप गिरोह का वैचारिक दोगलापन: संसद हमले को ‘महान दिन’ कहने वाले कैपिटल हिल हंगामे से हलकान

जब ऐसे दो चेहरे वाले लोग यूएस की संसद के बाहर हुए हंगामे पर सदमे में जाने का नाटक करते हैं, तो यह सिर्फ़ उनके पाखंडी चेहरे की हकीकत दिखाता है।

JNU का वो काला दिन, जब वामपंथियों के डर से मिटाने पड़े थे स्वास्तिक और शुभ दीपावली के निशान

"यहाँ सिर्फ एक ही सत्ता है... वामपंथी तानाशाही सत्ता! जिस पर खतरा आते ही हिंसा का बर्बर रूप सामने आ जाता है। ABVP को गुंडा कहने वाले..."

मुनव्वर फारूकी जैसी ‘कॉमेडी कौम’ के बीच नए हिन्दू का असहिष्णु होना कितना आवश्यक है?

आज का हिन्दू सामाजिक रूप से पूरी तरह से टूट चुका है। वह केवल चिड़चिड़ा या डरा हुआ नहीं है, बल्कि एक अँधेरे नैराश्य के काले सागर में गोते लगा रहा है।

सतपाल निश्चल की हत्या का पाकिस्तान ही जिम्मेदार नहीं, भारत का ​सेक्युलर-लिबरल पॉलिटिक्स भी दोषी

जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों आतंकवादियों ने सतपाल निश्चल की गोली मार कर हत्या कर दी। उन्हें हाल ही में डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिला था।

मुनव्वर फारूकी अगर ‘शार्ली एब्दो’ होता तो उसकी गर्दन नीचे पड़ी होती… लटर-पटर बंद करो लिबरलों

लिबरलों द्वारा मुनव्वर फारूकी की गिरफ्तारी की शार्ली एब्दो नरसंहार से तुलना करना, बताता है कि इनके तर्क कितने वाहियात हैं।

देवी-देवताओं को कोई मुनव्वर गाली दे तो चुप रहें, वरना भास्कर गुंडा कहेगा

'भास्कर' चाहता है कि देवी-देवताओं को गाली देना कोई 'मुनव्वर' अपना करियर ऑप्शन बना ले और आप सुनते रहें। विरोध नहीं करें। ऐसा करेंगे तो यह गुंडई होगी।

ऑपइंडिया के पाठकों के नाम सम्पादक का पत्र: आशा है 2021, 2020 जैसा न हो!

ऑपइंडिया सिर्फ पत्रकारिता नहीं है, यह एक मुहिम है जो सनातन आस्था की प्रतिरक्षा के लिए है। यह सिर्फ रिपोर्टिंग का काम नहीं है, बल्कि वामपंथियों के कैंसरकारी नैरेटिव को काटने के लिए अपना नैरेटिव बनाने का काम है।

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