ऐसा लगता है कि स्वरा भास्कर की पहचान न फेमिनिस्टों में रह गई हैं और न ही सेकुलरों में... उन्होंने शौहर को राजनीति में चमकाने के लिए इस्लामी ताकतों के आगे सरेंडर कर दिया है।
एक समय था जब यासीन मलिक खुलेआम कश्मीरी पंडितों की हत्या की बात स्वीकारता था और तत्कालीन पीएम उसका स्वागत करते थे। यही वजह है कि मुशाल को राहुल गाँधी से उम्मीद है कि वो उनके शौहर को बचाएँगे।
दिल्ली को लंदन-पेरिस बनाने का वादा कर सत्ता में आने वाली AAP की सबसे बड़ी 'उपलब्धि' वह दमघोंटू हवा है, जिसका समाधान जहरीले स्मॉग से लंदन की लड़ाई से भी सीखा जा सकता है।