नरेंद्र मोदी ने गुजरात में 4 और केंद्र में 2 सरकारें चलाई हैं, ऐसे में ये उनके लिए 7वीं सरकार होगी। क्या जो हिन्दुओं के कोर एजेंडे हैं उन सब पर काम करने में वो सफल होंगे? ये सब इस पर निर्भर करता है कि गठबंधन साथी उनका कितना साथ देंगे।
पश्चिम बंगाल में हिंसा का आरोप सत्ताधारी दल पर ही है, अर्धसैनिक बल भी 4 जून के बाद उनके ही हाथ में रहेंगे - ऐसे में क्या गारंटी है कि हिंसा के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होगी?
साल 2022 और साल 2024 की टीम के बीच 6 खिलाड़ियों का अंतर है, जो बाकी टीमों के लिए सिरदर्दी साबित हो सकते हैं। वहीं, पुराने खिलाड़ियों का भी खेल बदला-बदला सा नजर आ रहा है, इसमें विराट कोहली, शिवम दुबे को ही देख लीजिए।
चूँकि ममता बनर्जी ने कहा कि संदेशखाली बीजेपी की साजिश थी और इसे गोदी मीडिया ने ही कवर किया, ऐसे में रवीश कुमार ने एकदम पालतू वाली स्टाइल में उन्हीं बातों को दोहरा दिया।
'केरोसिन तेल छिड़का जा चुका है, एक चिंगारी से पूरे देश में आग लग जाएगी' - राहुल गाँधी का ये 2 साल पुराना बयान याद कीजिए, और आज नीलू व्यास थॉमस को सुनिए। मतगणना के बाद हिंसा भड़काने की पूरी प्लानिंग तैयार है। शाहीन बाग़ और किसान आंदोलन शायद इसका ही एक्सपेरिमेंट था।