विचार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मोदी, शाह और भाजपा के 300+: कहाँ रहे सही और कहाँ हुई चूक

शहर के एलीट से लेकर गाँव का वंचित वर्ग भी मौक़ा मिलने पर मोदी सरकार के गुणगान करने से नहीं चूक रहा है। लेकिन, विपक्ष इन कोशिशों में जुटा हुआ है कि जनता के बीच भाजपा की कमियों और चूक को गिनवा कर उन्हें सत्ता से हटाया जाए ताकि देश में दोबारा से भ्रष्टाचार, घोटालों की राजनीति कायम हो सके।
लोकसभा चुनाव 2019

AAJTAK-AXIS के अनुसार MP, राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ से कॉन्ग्रेस साफ, खिलेगा कमल

इसके आलावा पूरे देश में बीजेपी के पक्ष में पूर्ण बहुमत के रुझान आ रहे हैं। अभी तक के लगभग सभी एग्जिट पोल में बीजेपी को पूर्ण बहुमत दी गई है।
मोदी का अब तक सबसे 'गंभीर' इंटरव्यू

Republic Exit Poll: NDA 305, BJP 264, कॉन्ग्रेस 72, UPA 124

रिपब्लिक-जन की बात के अनुसार आँकड़े कुछ ऐसे हैं: NDA- 305, BJP- 264, कॉन्ग्रेस- 72, UPA- 124, अन्य 113
स्वरा भास्कर

प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।
नरेंद्र मोदी आध्यात्मिक दौरा

लंगोट पहन पेड़ से उलटा लटक पत्तियाँ क्यों नहीं चबा रहे PM मोदी? मीडिया गिरोह के ‘मन की बात’

पद की भी कुछ मर्यादाएँ होती हैं और कुछ चीजें व्यक्तिगत सोच पर निर्भर करती है, यही तो हिन्दू धर्म की विशेषता है। वरना, कल होकर यह भी पूछा जा सकता है कि जब तक मोदी ख़ुद को बेल्ट से पीटते हुए नहीं घूमेंगे, उनका आध्यात्मिक दौरा अधूरा रहेगा।

वहाँ मोदी नहीं, सनातन आस्था अपनी रीढ़ सीधी कर रही है, इसीलिए कुछ को दिक्कत हो रही है

इंटेलेक्चु‌ल लेजिटिमेसी और फेसबुक पर प्रासंगिक बने रहने, ज्ञानी कहलाने और एक खास गिरोह के लोगो में स्वीकार्यता पाने के लिए आप भले ही मोदी की हर बात पर लेख लिखिए, लेकिन ध्यान रहे कुतर्कों, ठिठोलियों और मीम्स की उम्र छोटी होती है।
आशुतोष

Google से नहीं, पहले इतिहास पढ़ो तब बहस किया करो: आशुतोष को TV डिबेट में इतिहासकार की राय

आशुतोष को जज्बातों में बहता देखरक एंकर ने कहा, “मैं उस सोच की बात कर रहा, जो कत्ल करती है। चाहे वह सोच राजस्थान के शंभू रैगर की हो या दिल्ली में सिखों की हत्या की हो।” इस पर आशुतोष ने कहा, “जिनकी वो सोच है, वो श्यामा प्रसाद मुखर्जी 1942 में चिट्ठी लिखते हैं, भारत छोड़ो आंदोलन को कुचल दिया जाए।”
कमल हासन को हिन्दुओं के बारे में पता क्या है जो हम पर हम ही को ज्ञान बाँट रहे हैं?

‘हिन्दू’ शब्द पर इतिहास ज्ञान खराब है कमल हासन का, बस 2200 सालों से चूके हैं

फारसी साम्राज्य के राजा डैरियस-प्रथम के अभिलेखों में हिन्दू शब्द का ज़िक्र ईसा से 6 शताब्दी पूर्व का है, जबकि इस्लाम ईसा से 600 साल बाद का। और मुगलों का हिंदुस्तान में आगमन तो 16वीं शताब्दी में हुआ। यानि विशुद्ध तकनीकी रूप से भी कमल हासन 22 शताब्दियों की ‘मामूली’ सी चूक कर गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पाकिस्तानी लेखक और विदेशी मैगज़ीन की कोई विश्वसनीयता नहीं: PM मोदी

पीएम मोदी ने खुद इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “टाइम मैगजीन विदेशी है, लेखक खुद कह चुका है कि वह पाकिस्तान के एक राजनीतिक परिवार से आता है। यह उसकी विश्वसनीयता बताने के लिए काफी है।”
क्विंट राहुल गाँधी इंटरव्यू

‘द क्विंट’ के राघव बहल को पान की दुकान पर कैसेट रिकॉर्डिंग का धंधा ज़्यादा सूट करता है

राघव बहल लाख राहुल को पूर्ण राजनेता मान लें, लेकिन राहुल गाँधी का दुर्भाग्य यह है कि वो भरी बारिश में काली माता के मंदिर में दिया जलाने जाते नहीं, और सिर्फ चुनावों के समय ही जनऊ पहनते हैं, राम भक्त और शिव भक्त बनते हैं। साथ ही, उनको एक्सिडेंटली भी, सर पर चोट लगने से ही सही, ज्ञान मिलने की संभावना दिखती नहीं क्योंकि उसके लिए भी पूर्व में अर्जित ज्ञान के लोप होने की बात ज़रूरी है।
राघव बहल और राहुल गाँधी

मोदी पर चिल्लाने वाले मीडिया गिरोह से कुछ सवाल जो राहुल गाँधी से नहीं पूछे गए

विपक्ष की यह पुरज़ोर कोशिश रहती है कि पीएम मोदी द्वारा दिए गए साक्षात्कार में उन्हें किस तरह से बेवजह के मुद्दों पर घेरा जा सके। इनमें कुछ मीडिया संस्थान और मीडियाकर्मी भी शामिल हैं जिन्हें दुष्प्रचार करने में महारत प्राप्त है।
राहुल गाँधी

राहुल ने स्वीकारा कि कुछ पत्रकार ‘उनके साइड के हैं’ जो मोदी से कड़े सवाल पूछते हैं

राहुल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह बहस छिड़ गई कि देखिए कॉन्ग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी खुद स्वीकार रहे हैं कि पार्टी के 'पाले हुए' कुछ पत्रकार है जो कॉन्ग्रेस के लिए काम करते हैं।

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