विचार

दिल्ली में आए 50 हजार किसान, अपनी बात कह लौट गए खेत-खलिहान: न कोई टेंट गड़ा-न किसी पर ट्रैक्टर चढ़ा, फिर ‘बक्कल उतार दूँगा’...

'किसान आंदोलन' से रेप-हत्या की खबरें आती थीं, 'किसान गर्जना रैली' में अलग-अलग संस्कृतियों का प्रदर्शन दिखा। आक्रोश तो था, लेकिन दुर्भावना नहीं। टिकैत जैसों को ये फर्क देखना चाहिए। यहाँ टुकड़े-टुकड़े की बातें करने वाले खालिस्तान नहीं थे, 'भारत माता' थीं।

न मकसद, न प्रभाव: ‘लाल सिंह चड्ढा’ जैसी ही लुटी पिटी है ‘भारत जोड़ो यात्रा’… हम निठल्ले होकर अंताक्षरी खेलते हैं, राहुल गाँधी चल...

राहुल गाँधी इतने खाली हैं कि वो इस यात्रा के नाम पर बस चले जा रहे हैं। उनकी दाढ़ी लाल सिंह चड्ढा के आमिर खान की तरह बढ़ती जा रही है।

सुशासन बाबू! हम बिहारियों को मार डालिए, अपने बड़े भाई की तरह रौंद डालिए; पर हमारे बिहार को माफ कर दीजिए

सिद्धांत, शुचिता, मर्यादा, आत्म नियंत्रण... से चले नीतीश कुमार ने पहले अंतरात्मा, लोकलाज, आदर्श को मारा। अब बिहार को क्यों मारने पर तुले हैं?

काफिरों पर कहर: मोरक्को की हार या जीत से नहीं, कट्टरपंथी इस्लामी मानसिकता और 72 हूरों के लिए दंगे-आतंक

हार में हिंसा, जीत में आतंक... कट्टरपंथी भीड़ बिल्कुल तटस्थ - हूरों की याद में! फुटबॉल वर्ल्ड कप में मोरक्को की जीत/हार इसका ताजा उदाहरण।

माहवारी होते निकाह, बेटियों को संपत्ति में अधिकार, कट्टरपंथी मानसिकता, न्याय में देरी… जानिए क्यों जरूरी है पूरे भारत में समान नागरिक संहिता

देश में विभिन्न कारणों से समान नागरिक संहिता की विशेष जरूरत है। सरकार को इसे तुरंत लागू करना चाहिए ताकि न्याय में विलंब को रोका जा सके।

AAP को जीत, दिल्ली को दुविधा मुबारक

AAP की केजरीवाल सरकार से भंग होता मोह। BJP शासित निगम के रहते घर के बाहर लगा कूड़े का ढेर। दुविधा में दिल्ली ने खुद का कूड़ा-कूड़ा कर लिया।

NDTV और रवीश कुमारः अब वो फिरते हैं तन्हा लिए दिल को, एक जमाने में मिजाज उनका सर-ए-अर्श-ए-बरीं था

एनडीटीवी मीडिया की अन्य दुकानों की तरह ही है। न पवित्र गाय, न सूअर। वे बस हुनरमंद रहे हैं विष्ठा को भस्म बता बेचने और खुद को बुद्धिजीवी बताने के।

62 साल पहले 3 बहनों ने तानाशाह के नाक में कर दिया दम, निर्ममता से हुई हत्या: 25 नवंबर की वो कहानी, जिससे उठी...

पूरे विश्व में हर तीन में से एक महिला किसी न किसी तरह के उत्पीड़न/ हिंसा का शिकार होती हैं। समय की माँग है कि हम एक जागरूक नागरिक की भांति आत्ममंथन करें।

NBT की प्रेम वाली पत्रकारिता: बेटी प्रतिभा को बचाने वाली माँ हुई ‘नफरती’, भगोड़े शादीशुदा नदीम सैफी पर पूरा प्यार लुटाया

NBT का आर्टिकल को पढ़ने से प्रतीत होता है कि यह नदीम के दृष्टिकोण से लिखा गया है। एक विशेष एजेंडे के साथ परोसा गया है। यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि मजहब विशेष के लोग प्रेम के मसीहा हैं, पर ये हिंदू हैं कि वे प्यार के दुश्मन बने बैठे हैं।

अंजलि ने शादीशुदा अब्दुल से निकाह किया, शौहर के परिवार वालों ने ही पीठ में मार दी गोली

गोली लगने के बाद से अंजलि की हालत गंभीर बनी हुई है। हमले को लेकर पुलिस ने 2 संदिग्धों को पकड़ा है। शादी के बाद से ही अंजलि को हत्या का डर था।

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