राजनैतिक मुद्दे

राहुल गाँधी: मिडिल क्लास की जेब में ऐसे हाथ डालूँगा और यूँ ₹72,000 वाला ‘न्याय’ निकाल लूँगा

न्याय योजना को बजट में जगह देने के लिए आमदनी चाहिए, आमदनी बढ़ाने के लिए टैक्स बढ़ाना होगा, चाहे लोगों पर हो, या वस्तुओं पर। दोनों ही स्थिति में भार वापस आम आदमी पर ही पड़ेगा। राहुल गाँधी को लगता है कि इतने बैंक हैं, वहाँ से पैसे ले लेंगे। राहुल गाँधी ऐसा सोच सकते हैं, क्योंकि वो राहुल गाँधी हैं।

राहुल जी, रुमाल एक बार और फेर दीजिए न, लोगों में सही मैसेज जाएगा: घायल पत्रकार और राहुल का PR

वैसे तो 2014 के बाद से वो टुकड़े-टुकड़े गैंग के समर्थन में भी खड़े दिखाई दिए थे लेकिन अब वो मानवता का प्रत्यक्ष चेहरा बनकर उभर रहे हैं।

भात और खून सान कर खिलाने वाले माकपाइयों को कैसे भूलोगे कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं?

क्या कॉन्ग्रेस के हजारों लोगों के कातिलों से दोस्ती की कीमत पर भी राहुल गाँधी का संसद पहुँचना सस्ता सौदा है?

GDP और Budget का फर्क न समझने वाले राहुल गाँधी जी, गणित ख़राब हो तो प्रतिशत नहीं बाँचते

शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट का 70% हिस्सा ख़र्च करने की बात कहने वाली कॉन्ग्रेस बाकियों को बचे-खुचे 30% में निबटा देगी। किसान, महिलाएँ व ग़रीब किसी भी योजना का लाभ नहीं उठा पाएँगे। सब्सिडी ख़त्म कर दी जाएगी, पेंशन रोक दी जाएगी।

कॉन्ग्रेस का ‘कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो’: राजद्रोह और AFSPA जैसे कानूनों में बदलाव देश की अखंडता पर संकट है

भारत ने अफ्स्पा के अंतर्गत सेना को जो विशेषाधिकार दिए हैं वह उन क्षेत्रों में दिए हैं जहाँ वास्तविक शत्रु अपने देश का नागरिक नहीं बल्कि दूसरे देश का मज़हबी घुसपैठिया है।

प्रयागराज: BJP के मास्टरस्ट्रोक से कॉन्ग्रेस में ‘भगदड़’, रीता की एंट्री से बदला चुनावी गणित

रीता बहुगुणा जोशी संयुक्त राष्ट्र से पुरस्कृत मेयर रह चुकी हैं। उनकी उम्मीदवारी का ऐलान मात्र से प्रयागराज में कॉन्ग्रेस बिखर गई है। पार्टी में घबराहट का माहौल है और प्रियंका गाँधी को उनके ख़िलाफ़ उतरने को कहा जा रहा है। क्या अपने पिता की सीट पर जीतेंगी रीता?

कॉन्ग्रेस घोषणापत्र के झूठ और चरमसुख पाते पत्रकार: आदतन तुमने कर दिए वादे…

ज़मीनी स्थिति को ये समझेंगे भी तो कैसे, ये एलीट ख़ानदानों के चिराग़, जिनके गुणसूत्रों में 22 जोड़े तो X और Y हैं, लेकिन तेइसवाँ जोड़ा P और M वाला है, ज़मीन पर उतरे कब कि पता चले हर खेत में फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट ही लगा दोगे तो खेती कहाँ होगी!

कह के लूँगा, कह के लूँगा, कह के लूँगा… तेरी कह के लूँगा!

सत्ता की दलाली के बाद पाए अवार्ड जिनके मेमेंटो तुम लौटा देते हो, लेकिन पैसे और रॉयल्टी नहीं लौटाते। तुम क्या विरोध करोगे, तुम उस लायक नहीं हो, तुम्हारे विरोध में बेईमानी सनी हुई है। तुम्हारी औक़ात नहीं है विरोध करने की क्योंकि तुम भीतर से चोर हो।

झूठ, प्रपंच और प्रलाप से भरा है कॉन्ग्रेस का नया घोषणापत्र, अपने निकम्मेपन को स्वीकारा पार्टी ने

सिर्फ़ '20 लाख जॉब्स दे देंगे' कहने या लिख देने से जॉब्स पैदा नहीं हो जाते, उसके लिए आपको कुछ रोडमैप देना पड़ता है। इस मामले में कॉन्ग्रेस का घोषणापत्र फिसड्डी है और एक-एक लाइन की हज़ारों दावों और वादों की झड़ी है, अजय देवगन के 'हिम्मतवाला' की वन-लाइनर्स की तरह।

प्रिय फेसबुक, चोरों को चौधरी नहीं बनना चाहिए

मोदी सरकार को जिम्मेदारी तय कर फेसबुक इंडिया अधिकारियों को चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के आरोप में तत्काल हिरासत में डालना चाहिए।

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