भाजपा के ग्राम प्रधान के साले के ससुर के किसी बयान को उठा कर भाजपा के झूठ के रूप में प्रचारित कर एक-एक घंटे का शो कर लेने वाली तथाकथित पत्रकारों की इस जमात ने राहुल-भंडारी कनेक्शन पर आँखें मूँद ली। इन्हे साँप सूंघ गया।
राहुल गाँधी की दादी से लेकर पिताजी तक के राजनीतिक दंभ को बिहार और यूपी ने ही चकनाचूर किया है। लेकिन विदेशी पढ़ाई के कारण शायद राहुल को इन ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी नहीं होगी। सामाजिक समस्याओं का राजनीतिकरण शाह बानो की तरह कहीं कॉन्ग्रेस की कब्र न खोद दे इस बार!
कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर देश ने कभी किसी रिलिजियस आइडेंटिटी को ऊपर नहीं माना है। राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में इंदिरा गाँधी ने स्वर्ण मंदिर में मिलिट्री ऑपरेशन करने की भी इजाज़त दे डाली थी।
अरविन्द केजरीवाल सपोर्ट देना चाह रहे हैं, आगे पीछे घूम रहे हैं, मीटिंग कर रहे हैं, पब्लिक जगहों से आवाज लगा रहे हैं, और एक बेवफ़ा सनम राहुल हैं कि लेना ही नहीं चाह रहे सपोर्ट।
अगली बार कोई एन्टीसैप्टिक क्रीम वाले लोग ऐसा विज्ञापन बनाएँगे जिसमें किसी नमाज़ पढ़ने जाते बच्चे पर हिन्दू बच्चों ने बम उछाल दिया हो, और उसकी चमड़ी जल जाए। बाद में पता चले कि वो तो हिन्दू ही था जिसने अपने मजहबी दोस्त के लिए टोपी पहनकर बम झेला! फिर आप चुपके से अपनी क्रीम बेच लेना यह कहकर कि साम्प्रदायिक सद्भावना का परिचायक है यह विज्ञापन।
अभिनेता से नेता बने जन सेना प्रमुख पवन कल्याण ने उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश पर सवाल खड़े किए हैं, जिसमें सिनेमा हॉल के अंदर राष्ट्रगान बजाने को अनिवार्य किया गया। पवन कल्याण को सिनेमा हॉल में राष्ट्रगान पर खड़े होना पसंद नहीं है।
प्रभाकर पर इल्जाम है कि उन्होंने अपनी पूँजी को बढ़ाने के लिए एक शाही परिवार के नाम का इस्तेमाल किया है लेकिन नेशनल हेराल्ड ने इस ख़बर को जो एंगल देकर पेश किया उसमें साफ़ है कि वह विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस की छवि को धूमिल करने के लिए प्रयासरत है।
पिछले साल जब कंप्यूटर बाबाजी को मार्च में शिवराज सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा दिया था, उस समय वह और योगेन्द्र महंतजी 15-दिवसीय नर्मदा स्कैम यात्रा निकालने की तैयारी कर रहे थे।
कुछ साल पहले तक दूरदर्शन समाचार गिलगित बल्तिस्तान क्षेत्र के मौसम की जानकारी भी देता था लेकिन अब वह जानकारी भी नहीं मिलती। जबकि यह स्थापित सत्य है कि नियंत्रण रेखा के उस पार के लोग बड़ी उम्मीदों से भारत की ओर देख रहे हैं।