कई लोग मान रहे हैं कि केंद्र सरकार सड़क पर उतर कर भीड़ और हिंसा के सहारे अपनी बात मनवाने की कोशिश करने वालों के सामने झुक गई है। अंदर के लोगों का कहना है कि आंतरिक सुरक्षा के लिए ये अनिवार्य था।
इंदिरा ने पुराने कॉन्ग्रेस को फुस्स कर एक ऐसी कॉन्ग्रेस खड़ी कर ली जहाँ उनके चाटुकारों ने 'इण्डिया इज इंदिरा एंड इंदिरा इज इण्डिया' कहने में भी संकोच नहीं किया।
पिछले गुजरात विधानसभा चुनाव के समय बनी राहुल गाँधी की नव हिंदू की छवि अब लगभग ख़त्म हो चुकी है, ऐसे में कॉन्ग्रेस घूम-फिर कर अपनी मूल कक्षा में जा पहुँची है।
लिबरल गैंग की समस्या हिन्दू धर्म, परंपरा, मान्यताओं और प्रतीकों से है क्योंकि हिन्दू बहुल देश में हिन्दुओं की बात करना ही वामपंथियों के हिसाब से सांप्रदायिक हो जाता है।