किसी को ब्राह्मण के नाम पर विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला तो किसी को निषाद के नाम पर फूलन देवी याद आ रही है। वोट के लिए जातिवाद में अपराधियों को ही नायक क्यों बनाया जाता है?
हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।
सिद्धू को पंजाब कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनाने से अंदरूनी विवाद कुछ दिनों के लिए भले शांत हो जाए, लेकिन दो पावर सेंटर होने से भविष्य में संकट और गहरा होगा।
बढ़ती जनसंख्या के आर्थिक और राजनीतिक आयाम आज भी वही हैं जो पहले थे। यह समझने की आवश्यकता है कि इससे पैदा होनेवाले प्रश्न और खतरों को और पीछे नहीं फेंक सकते।
इस साल की शुरुआत में सूरत नगर निगम चुनावों में 27 सीटें जीतकर उत्साहित आम आदमी पार्टी की निगाहें अब दिसंबर 2022 में होने वाले गुजरात विधानसभा चुनावों पर हैं।
आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इसकी कमान अमित शाह के हाथ में ही क्यों? आखिर विपक्षी की बेचैनी का कारण क्या है कि वो केंद्र सरकार के इस नए पहल का स्वागत करने की बजाए इसका विरोध कर रहा है।