क्विंट ने इस वीडियो में दिल्ली सरकार का डैशबोर्ड दिखाया था जिसका श्रीनिवास इस्तेमाल कर रहे थे। यह वही डैशबोर्ड है जिसकी कुछ दिन पहले बेड उपलब्धता के बारे में गलत जानकारी देने के लिए आलोचना हुई थी।
कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जब दिल्ली और महाराष्ट्र ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहा है। महाराष्ट्र की उद्धव सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार अगर समय रहते ऑक्सीजन की कमी पर ध्यान देती तो ऐसे हालात देखने को नहीं मिलते।
“पीएम केयर्स फंड के अंतर्गत इसी साल देशभर के जन स्वास्थ्य विभागों में पीएसए मेडिकल जेनरेशन प्लांट की स्थापना के लिए केंद्र सरकार द्वारा 201.58 करोड़ रुपए का फंड जारी किया गया था।”
इसमें कुल खर्च प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से विज्ञापन और प्रचारों में किया गया है। केजरीवाल सरकार ने बीते 2 साल में अपने प्रचार-प्रसार में 800 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च किया है।
दिल्ली में ऑक्सीजन की खासी किल्लत है। राजधानी के लिए 490 टन ऑक्सीजन अलॉट किया गया है। कल केंद्र सरकार ने 10 टन और बढ़ाई है। लेकिन, फिलहाल दिल्ली में अभी केवल 335 मीट्रिक टन तक ही ऑक्सीजन पहुँच रही है।
ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों को उकसाते हुए कहा कि किसी की भी गिरफ़्तारी पर पुलिस स्टेशन का घेराव किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उच्च न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी शिकायत की जाएगी।