"मेरी बेटी ने रैली में जो किया, वह बिल्कुल गलत था। उसने जो कहा, वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने कई बार उससे कहा कि वो मुस्लिमों से न जुड़े। उसने मेरी बात नहीं सुनी। मैंने उसे कई बार भड़काऊ बयान नहीं देने के लिए भी कहा, लेकिन उसने एक नहीं सुनी।"
इस मुलाकात की वजह नहीं बताई गई है। लेकिन, सीएम बनने के बाद दिल्ली की अपनी पहली यात्रा पर उद्धव ऐसे वक्त में आ रहे हैं जब एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के साथ अनबन की खबरें चर्चा में हैं। इससे महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियॉं अचानक से तेज हो गई हैं।
बेंगलुरु में गुरुवार को ओवैसी ने CAA विरोधी रैली की। इसी दौरान एक लड़की मंच पर चढ़ गई और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगी। इससे पहले एक विडियो सामने आया था जिसमें AIMIM का पूर्व विधायक वारिस पठान हिंदुओं को धमका रहा था।
इस पोस्ट को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोपित पर माहौल खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। कथित तौर पर चॉंद ने दो फोटो अपलोड कर उनकी तुलना करते हुए योगी के लिए अभद्र टिप्पणी की थी।
इस्तीफा देने वाले नेता हैं- सांसद अरविंद सावंत और विधायक रविंद्र वायकर। सावंत को उद्धव ने राज्य की संसदीय समन्वय समिति का प्रमुख नियुक्त किया था। वायकर मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख समन्वयक बनाए गए थे।
कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं होने को लेकर संदीप दीक्षित ने बगावती सुर दिखाए हैं। उनका समर्थन करते हुए थरूर ने कहा है, “संदीप दीक्षित ने जो कहा है वह देश भर में पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे हैं। इनमें से कई नेता पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं।”
"भाजपा के लोगों हम हर चीज के लिए तैयार हैं। हम कॉन्ग्रेस के लोग हैं। बेईमानी, चोरी, लूट-घसोट, जुआ-शराब और अवैध कारोबार में हम लिप्त नहीं हैं। ये सारे काम आप करोगे और बदनाम कॉन्ग्रेस को करोगे। कॉन्ग्रेस का कोई भी माई का लाल..."
"सार्वजनिक परिवहन और सरकारी गाड़ियों को इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से बदलने का गडकरी का आइडिया शानदार है। क्या परिवहन मंत्री आकर इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक की योजना की जानकारी दे सकते हैं?"