"सुनो कमलनाथजी! यदि कोलाहल नियंत्रण कानून है तो वह केवल मंदिरों के लिए नहीं हो सकता। आपके जीवन में यदि कोई पारदर्शिता बची है तो रात के 10 से सुबह के 6 बजे तक इसे सभी के ऊपर लागू कराइए, वरना न आष्टा के मंदिर से स्पीकर हटेंगे, न किसी मंदिर से।"
"मुस्लिमों को हमेशा काले रंगों में डार्क लाइटिंग के साथ दिखाया गया। जबकि हिंदुओं को रोशनी और रंगीन कपड़ो में। ये बेहद शर्मनाक और खतरनाक है। हम ऐसी फिल्मों के जरिए अपने बच्चों को जाहिल बना रहे हैं।"
"नेता प्रतिपक्ष हम जैसे विधायकों की बदौलत इस पद पर हैं। हम उनके रहमोकरम पर नहीं हैं। 11 में से सात-आठ विधायक उन्हें पद से हटाने के लिए हाईकमान से बात करेंगे।"
इस तरह के नोटिस राजस्थान के लगभग हर कॉलेज में जारी किए गए हैं। साथ ही कॉलेजों को टारगेट दिया गया है कि हर क्लास से कम से कम 10 बच्चे राहुल गाँधी की युवा आक्रोश रैली में आने ही चाहिए।
संबित पात्रा ने कहा कि सोनिया गाँधी के पिता तो मुसोलिनी और हिटलर जैसे तानाशाहों से जुड़े हुए थे, फिर उन्हें भारत की नागरिकता क्यों दी गई? संबित पात्रा के इन आरोपों का अब तक कॉन्ग्रेस ने कोई जवाब नहीं दिया है।
सोनिया ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट कह दिया था कि जब भी ऐसा लगे कि सरकार कॉन्ग्रेस के बनाए दिशानिर्देशों के अनुरूप काम नहीं कर रही है, पार्टी शिवसेना से अपना समर्थन वापस ले लेगी। सोनिया के आदेश के बाद उद्धव से लिखित आश्वासन लिया गया, तभी महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार बन पाई।
पश्चिम बंगाल अब चौथा राज्य बन गया है, जहाँ CAA के खिलाफ प्रस्ताव पास हो चुका है। इससे पहले केरल, पंजाब और राजस्थान विधानसभा में सीएए विरोधी प्रस्ताव पास किया जा चुका है।
अमित शाह ने रैली के दौरान न सिर्फ़ मोदी सरकार के कामकाज को गिनाया बल्कि केजरीवाल सरकार की नाकामियों को भी जनता के समक्ष रखा। शाह ने दिल्ली के सीएम से पूछा कि वो भारत माता के टुकड़े करने वाले टुकड़े-टुकड़े गैंग को जेल में डालने की परमिशन दे रहे हैं या नहीं?
कॉन्ग्रेस पार्टी की राज्य यूनिट ने कहा है कि वो इस मामले की जाँच कराएगी। अपने उम्मीदवार नागरानी को शून्य वोट मिलने के पीछे पार्टी ने किसी साज़िश की ओर इशारा किया है। उस क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार 671 वोटों के साथ दिव्या चिंतापणि ने जीत दर्ज की।
“अपने अमानती-गुंडे को भेजकर बिठाओ तुम और उठाएँ दूसरे? तुम्हारा निर्वीर्य नायब शाहीन बाग के साथ खड़ा हूँ, तुम कह रहे हो हटाओ। अपनी हर गैर-मुनासिब सी जहालत के लिए, बारहा तू जो ये बातों के सिफर तानता है, छल-फरेबों में ढके सच के मसीहा मेरे, हमसे बेहतर तो तुझे, तू भी नहीं जानता है।”