"यह (प्रशांत किशोर) आदमी भरोसेमंद नहीं है। वह मोदी जी और नीतीश जी का भरोसा नहीं जीत सके। वह AAP के लिए काम करते हैं, राहुल गाँधी से बात करते हैं, ममता दीदी के साथ बैठते हैं। कौन उन पर भरोसा करेगा?"
"मैं प्रशासन को चेतावनी देता हूँ। मच्छीपुरा से आने वाली गाड़ियों पर पथराव किया गया है। याद रखना, कुचल के फेंक देंगे। ग़लतफ़हमी में मत रहना। ये चड्डा-चड्डी वालों को, गोली मारो सालों को। बाहर निकालो सालों को।"
राज्यपाल ने अपने सम्बोधन का पैराग्राफ 18 पढ़ने से इनकार कर दिया। इस पैराग्राफ में सीएए को असंवैधानिक और भेदभाव करने वाला बताया गया था। सीएए के बारे में इस तरह की बातें लिखे जाने पर राज्यपाल ने आपत्ति जताई।
शाहीन बाग़ में हो रहे उपद्रव पर बोलते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि सोते हुए लोगों को तो जगाया जा सकता लेकिन इन्हें कोई नहीं जगा सकता। उन्होंने कहा कि शाहीन बाग़ में बैठे लोगों की पीड़ा सीएए नहीं है, बल्कि अनुच्छेद 370 है, तीन तलाक़ है और राम मंदिर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान में निकले रोजगार के एक विज्ञापन का जिक्र किया। इसमें सफाई के कामों के लिए कर्मचारियों की वैकेंसी निकाली गई थी। इस वैकेंसी में सिर्फ गैर-मुस्लिमों को ही पात्र बताया गया था।
CAA का समर्थन करने गए नीरज तो अब नहीं रहे... लेकिन छोड़ गए एक बेटी और एक बेटे को। दोनों ही छोटे हैं। कमाने वाले वो अकेले थे। अब सारा बोझ उनकी पत्नी पर! फिर भी परिजनों की माँग नहीं सुन रही है सोरेन सरकार। क्योंकि CM साहब मंत्रिमंडल विस्तार में व्यस्त हैं। किसी भी मंत्री ने पीड़ित परिजनों की सुध लेने की कोशिश नहीं की।
“जब दिल्ली में मेरी सरकार बनेगी तो 11 फरवरी के बाद एक महीने में मेरी लोकसभा में जितनी भी मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी हैं, उनमें से एक मस्जिद भी नहीं छोड़ूँगा। सारी मस्जिद हटा दूँगा।”
"मौलाना आज़ाद जैसे लोगों ने गोरक्षा का समर्थन किया, जो आज हमारे लिए ज़हर बन गया है। गोरक्षा की एंट्री भारत में खिलाफत से है, जब मौलानाओं ने कहा कि तुम खिलाफत में हमारी मदद करो, हम गोरक्षा में करेंगे। मुशरिक के दबाव में बोला जा रहा है कि वो गोकशी न करें।"
“अरविंद केजरीवाल जी आपने मुझे दिल्ली सरकार द्वारा संचालित स्कूल देखने के लिए बुलाया था। कल दिल्ली भाजपा के आठों सांसद अलग-अलग स्कूल में गए और देखिए इनका क्या हाल है...इनकी बदहाली ने आपकी ‘शिक्षा की क्रांति’ के दावों की पोल खोल दी। अब आपको दिल्ली की जनता को जवाब देना होगा।”