"औरंगज़ेब हिंदुओं का ज़बरन धर्म परिवर्तन करता था। वो लाखों हिंदुओं का क़ातिल है। उसके नाम पर सड़क करोड़ों हिंदू और सिखों की भावना के साथ खिलवाड़ है। उसका नाम सड़कों और किताबों से हटाय जाए।"
आरएसएस प्रमुख भागवत के साथ हाल में मंच साझा करने वाले वे कॉन्ग्रेस से जुड़े दूसरे नेता हैं। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के विजयादशमी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। मुखर्जी का इस कार्यक्रम में जाना गॉंधी परिवार को रास नहीं आया था।
मंच पर उपस्थित नेताओं को जैसे ही ग़लती का एहसास हुआ, उन्होंने नारे को ठीक करवाया और फिर से 'प्रियंका गाँधी ज़िंदाबाद' के नारे लगवाए गए। हालाँकि, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के मज़ाक का विषय-वस्तु बन गया।
"मैं एक भाग्यशाली मुख्यमंत्री हूँ क्योंकि जिन्होंने मेरा विरोध किया वे अब मेरे साथ हैं। और जो मेरे साथ थे, वे अब विपरीत दिशा में बैठे हैं। मैं यहाँ अपनी क़िस्मत और लोगों के आशीर्वाद के साथ आया हूँ। मैंने कभी किसी को नहीं बताया कि मैं यहाँ आऊँगा, लेकिन मैं आ गया।"
नाना पटोले ने आरोप लगाया था कि एक बैठक के दौरान जब उन्होंने पीएम मोदी के सामने बढ़ते टैक्स और किसानों का मुद्दा उठाया तो उन्होंने कहा- 'शट अप'। पटोले ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री गंभीर मुद्दों पर सवाल पूछने पर आग-बबूला हो जाते हैं।
कक्षा 10 के कमजोर छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने मॉडल पेपर तैयार किया है। इसमें कहा गया है, “कुबुद्धि बेहद अवगुणी और शराबी था और गाँधी जी जैसा जीवन जीता था।” यह पेपर कई महीनों से सरकारी स्कूली में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
अमरिंदर सिंह के गृह नगर के चार पार्टी विधायकों ने बगावती रुख अपना रखा है। नौकरशाही पर गंभीर आरोप लगाते हुए इन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे। आप का दावा है कि बागियों के साथ कॉन्ग्रेस के 40 विधायक हैं।
8 जून 2017 को मंदसौर में किसान आंदोलन के दौरान फायरिंग हुई थी। करैरा से विधायक रही खटिक ने भीड़ को उकसाते हुए कहा था कि थाने को आग लगा दो, जो होगा देखा जाएगा। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए 3 साल जेल की सजा सुनाई है।
दांगी ने कहा था कि यदि प्रज्ञा ठाकुर कभी मध्य प्रदेश आई तो उसका पुतला नहीं, बल्कि उसे पूरा का पूरा जिंदा जला देंगे। साध्वी ने उनके घर पहुॅंचने का ऐलान कर दिया है।