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औरंगज़ेब के नाम पर सिखों ने पोती स्याही, कहा- वह लाखों हिंदुओं का क़ातिल, उसके नाम से आहत होती है भावना

"गुरु तेग बहादुर ने औरंगजेब द्वारा जबरदस्ती धर्मांतरण के प्रयासों के खिलाफ अपने जीवन का बलिदान दिया। हम सड़कों और किताबों पर औरंगजेब के नाम का विरोध करते हैं, वह एक हत्यारा था। सड़कों पर उसका नाम देख हमारी भावनाएँ आहत होती हैं।"

शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अन्य सदस्यों ने रविवार (दिसंबर 1, 2019) को राजधानी दिल्ली के औरंगजेब लेन के साइन बोर्ड पर स्याही पोत दी। उनकी माँग है कि मुगल बादशाह औरंगजेब का नाम देश की सड़कों और किताबों से हटाया जाए।

उन्होंने कहा कि औरंगज़ेब हिंदुओं का ज़बरन धर्म परिवर्तन करता था। वो लाखों हिंदुओं का क़ातिल है। उसके नाम पर सड़क करोड़ों हिंदू और सिखों की भावना के साथ खिलवाड़ है। उसका नाम सड़कों और किताबों से बाहर किया जाए।

मीडिया से बातचीत करते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “गुरु तेग बहादुर ने औरंगजेब द्वारा जबरदस्ती धर्मांतरण के प्रयासों के खिलाफ अपने जीवन का बलिदान दिया। हम सड़कों और किताबों पर औरंगजेब के नाम का विरोध करते हैं, वह एक हत्यारा था। सड़कों पर उसका नाम देख हमारी भावनाएँ आहत होती हैं।”

मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि गुरु तेग बहादुर जी ने जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ शहादत दी। क्रूर औरंगज़ेब भी उनकी धर्म आस्था को हिला नहीं पाया था। देश की राजधानी दिल्ली में उस औरंगज़ेब के नाम पर सड़क होना न देश को शोभा देता है और न देशवासियों को खुशी। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि जिस क्रूर शासक ने भारत के लाखों हिंदुओं पर अत्याचार कर उनका धर्म परिवर्तन किया, उस औरंगज़ेब के नाम पर हमारे देश में आज भी एक सड़क है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से इस लेन का नाम बदलने की अपील की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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