इससे पहले शरद पवार के बयान से शिवसेना को झटका लगा था। पवार ने साफ़ कर दिया था कि भाजपा और शिवसेना को ही जनादेश मिला है और उन्हें ही सरकार बनाना है। साथ ही एनसीपी सुप्रीमो ने विपक्ष में बैठने की घोषणा कर दी।
पिछले साल 18 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत के 2013 के फैसले काे पलटते हुए सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
एक सुप्रीम कोर्ट वकील ने दिल्ली के कमिश्नर अमूल्य पटनायक को क़ानूनी नोटिस भेजा है क्योंकि उन्होंने प्रदर्शन कर रहे पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
इस बैठक में शिवसेना के 6 मंत्री शामिल हुए। साउथ मुंबई में स्थित सह्याद्रि गेस्ट हाउस में ये बैठक हुई, जिसमें एकनाथ शिंदे और रामदास कदम भी शामिल हुए। दोनों शिवसेना नेता महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं।
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता तुलसी सिलावट के समर्थकों ने सरकारी गाड़ियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जब इतने पर भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठी-डंडे से पीटा।
सोसायटी के पुनर्गठन को लेकर 5 नवंबर को संस्कृति मंत्रालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया। सोसायटी में भाजपा नेता अनिर्बान गांगुली, गीतकार प्रसून जोशी और पत्रकार रजत शर्मा को जगह दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके अध्यक्ष हैं।
पवार ने सरकार बनाने के लिए शिवसेना के साथ कॉन्ग्रेस-एनसीपी की अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति शासन से बचने का एकमात्र विकल्प यह है कि भाजपा-शिवसेना मिलकर सरकार बनाएँ।
इस कानून की खासियत यह है कि टैप की हुई टेलीफोन बातचीत को अब एक वैध सबूत माना जाएगा। इससे शराब की तस्करी, फिरौती, जालसाजी जैसे संगठित अपराधों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है।
पाकिस्तान ने जो वीडियो जारी किया है उससे उसकी मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। वीडियो में जहॉं एक तरफ पाकिस्तान में मौजूद सभी गुरुद्वारों की झलक हैं, वहीं खालिस्तानी नेता जरनैल सिंह भी नजर आ रहा है।
भाजपा और शिवसेना बैकडोर से बातचीत के लिए राजी हो सकते हैं। हालाँकि, भाजपा सीएम, स्पीकर और गृह मंत्री का पद अपने पास ही रखेगी और इन्हें लेकर कोई समझौता नहीं होगा। भाजपा मंत्रियों की संख्या को लेकर अपने रुख में नरमी ला सकती है।