Wednesday, January 26, 2022
Homeराजनीतिपकड़ी गई प्रियंका गॉंधी: ठाकुरों की लड़ाई को दलित की पिटाई बता सोशल मीडिया...

पकड़ी गई प्रियंका गॉंधी: ठाकुरों की लड़ाई को दलित की पिटाई बता सोशल मीडिया में फैलाया झूठ, पुलिस ने लताड़ा

मैनपुरी के पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो समूह फसल काटने को लेकर आपस में भिड़ गए थे और दोनों समूह ठाकुर समुदाय के थे। लड़ाई में दोनों समूह के लोग घायल हुए। दोनों समूहों ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ क्रॉस FIR भी दर्ज कराई है।

कॉन्ग्रेस के सोशल मीडिया ट्विटर हैंडल के ज़रिए 6 नवंबर को समाचार चैनल ‘भारत संचार’ की न्यूज़ क्लिप शेयर की गई थी। इसे शेयर करते हुए लिखा गया था, “यूपी में हर तरफ सिर चढ़कर बोल रहा है जंगलराज। क़ानून का उड़ रहा माखौल, फेल हुआ अजय बिस्ट का राज।” साथ ही कहा गया था कि गवाही देने पर निमर्मता से पिटाई का ये वीडियो भाजपा सरकार की नाकामी का गवाही दे रहा है।

वीडियो के कुछ हिस्सों की आवाज़ बीप कर दी गई थी, जिससे पीड़ितों के साथ-साथ अपराधियों का विवरण स्पष्ट सुनाई नहीं पड़ता। कॉन्ग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गाँधी वाड्रा ने इसे शेयर करते हुए ट्विटर पर दावा किया कि वीडियो में जो लोग पिटते नजर आ रहे हैं वे दलित हैं।

उन्होंने अपने ट्वीट में दावा किया कि दबंगों ने गवाही देने के लिए भयावह तरीके से दलित भाइयों की पिटाई की।
साथ ही कहा कि राज्य में हर रोज दलित-आदिवासियों पर दबंग-अपराधी खुलेआम हमले कर रहे हैं और भाजपा सरकार मूकदर्शक बनी देख रही है।

असल में, यह वीडियो भूमि विवाद के कारण से 4 नवंबर को दो समूहों के बीच हुई भिड़ंत से जुड़ी थी। एक पक्ष द्वारा दूसरों पक्ष को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। दोनों पक्षों के पाँच लोगों को अब गिरफ़्तार कर लिया गया है और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 26 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, इन गुटों का नेतृत्व अर्जुन सिंह और करणपाल सिंह ने किया था। दो घायलों जिनमें नरेश और सोनू शामिल हैं उन्हें सैफई अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मैनपुरी पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने प्रियंका गाँधी वाड्रा द्वारा फैलाई गई फ़र्ज़ी ख़बर का खंडन करते हुए बताया है कि उन्होंने इस मुद्दे को जातिवादी रंग दे दिया। दरअसल, दो पक्षों के बीच जो झड़प हुई थी वो राजपूत परिवार के बीच हुई थी।

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रियंका गाँधी के दावों का खंडन करते हुए मैनपुरी पुलिस के एक अधिकारी का वीडियो भी जारी किया।

मैनपुरी के पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो समूह फसल काटने को लेकर आपस में भिड़ गए थे और दोनों समूह ठाकुर समुदाय के थे। दोनों समूह एक दूसरे के साथ लड़े और हिंसक हो गए। इस बीच दोनों समूह के लोग घायल भी हो गए। दोनों समूहों ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ क्रॉस FIR भी दर्ज कराई है। मैनपुरी पुलिस ने सोशल मीडिया के ज़रिए ऐसी फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने की निंदा भी की है।

इस ख़बर के लिखे जाने तक, न तो कॉन्ग्रेस और न ही प्रियंका गाँधी वाड्रा ने झूठे दावों को वापस लिया और न ही उन्होंने फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने के लिए माफ़ी माँगी है।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

माइनस 40 डिग्री हो या 15000 फीट की ऊँचाई… ITBP के हिमवीरों ने तिरंगा फहरा यूँ मनाया 73वाँ गणतंत्र दिवस

सीमाओं की रक्षा में तैनात भारतीय तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) ने लद्दाख और उत्तराखंड की बर्फीली ऊँचाई वाली चोटियों में तिरंगा फहराया।

लाल किला में पेशाब से लेकर महिला पुलिस से बदतमीजी तक: याद कीजिए 26 जनवरी, 2021… जब दिल्ली में खेला गया था हिंसक खेल

आइए, याद करते हैं 26 जनवरी, 2021 (गणतंत्र दिवस) को दिल्ली में क्या-क्या हुआ था। किसान प्रदर्शनकारियों ने हिंसा के दौरान क्या-क्या किया। नेताओं-पत्रकारों ने कैसे उन्हें भड़काया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
153,622FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe