कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के 2 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से राज्य में सियासी हलचल तेज है। पहले बेल्लारी जिले के विजयनगर से कॉन्ग्रेस सांसद आनंद सिंह ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया था। इसके बाद एक और कॉग्रेस विधायक रमेश जरकिहोली ने भी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।
भावुक कार्यकर्ता बार-बार राहुल गाँधी से इस्तीफा वापस लेने की माँग कर रहा था। उसका कहना था कि अगर राहुल गाँधी इस्तीफा वापस नहीं लेते हैं, तो वो फाँसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर लेगा। इसके बाद उसने आत्महत्या करने के लिए खुद को वहाँ एक पेड़ से लटका लिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
नुसरत जहां कोलकाता में रथयात्रा में विशेष अतिथि होंगी। साथ ही, TMC सांसद नुसरत, रथयात्रा के लिए ISKCON को बधाई देने के अलावा नागरिकों से इसमें शामिल होने की अपील भी कर रही हैं।
"हम दिन-रात इसलिए मेहनत नहीं कर रहे कि ऐसी हरकत की जाए। किसी का बेटा होने का ये मतलब नहीं कि मनमानी की छूट होगी। जेल से छूटने के बाद स्वागत में जो लोग गए थे, उनको बाहर किया जाए, पूरी यूनिट भंग की जाए।"
इस अनुच्छेद की वजह से कश्मीर में आरटीआई भी लागू नहीं है। इसके अलावा शहरी भूमि क़ानून भी वहाँ लागू नहीं होता। जम्मू कश्मीर का अपना अलग ध्वज है और वहाँ के निवासियों के पास दोहरी नागरिकता होती है। यहाँ विधानसभा का कार्यकाल भी 6 वर्षों का होता है।
मनोज तिवारी ने मनीष सिसोदिया पर घोटाला करने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की माँग की है। उन्होंने कहा कि जिस लोकपाल की बात केजरीवाल करते थे, वो उसी लोकपाल को इस घोटाले की जानकारी देने जा रहे हैं।
आज़म ख़ान ने संसद को भी नौटंकी बताया। उन्होंने कहा कि वे जैसे ही संसद पहुँचे, उन्हें लगा कि वे किसी नौटंकी में आ गए हैं। उन्होंने संसद में सांसदों की वेशभूषा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वो लोग एकदम मदारी की तरह लग रहे थे।
पिछले 5 वर्षों में अर्थव्यवस्था और अन्य जटिल विषयों पर कॉन्ग्रेस की तरफ़ से मनमोहन सिंह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। अतः, पार्टी उन्हें हर हाल में संसद में रखना चाहती है। तमिलनाडु में इसी महीने राज्यसभा की 6 सीटों के लिए मतदान होना है।
आनंद सिंह ने अपना इस्तीफ़ा ऐसे समय में दिया जब मुख्यमंत्री कुमारस्वामी भारत में न होकर अमेरिका में हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अन्य विधायक भी उनके नक्शेक़दम पर चल सकते हैं।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रियंका शर्मा के भाई राजीब शर्मा द्वारा दायर अवमानना याचिका पर राज्य सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से पूछा है कि मई में उसके आदेश के तुरंत बाद प्रियंका शर्मा को रिहा क्यों नहीं किया गया?