सांसद बनने के बाद खाली हुई सीटों पर कई सांसद अपने परिजनों को उतारने की तैयारी में थे। पार्टी ने इसे भाँपते हुए साफ कर दिया कि किसी भी जीते हुए सांसद के किसी भी रिश्तेदार को टिकट नहीं दी जाएगी। पार्टी के इस फैसले ने इन लोगों के इरादों पर पानी फेर दिया।
केवल कोहली और भगवा जर्सी पर नाराज़गी जताने से मन नहीं भरा तो लिबरल गिरोह ने 'समय-यात्रा' कर के मोदी के भगवाकरण प्लान में गांगुली का 2001 में टी-शर्ट लहराना शामिल कर लिया। उनके हिसाब से गांगुली के लॉर्ड्स में टी-शर्ट लहराते समय उनके शरीर पर मौजूद गंडे-ताबीज़ आदि धार्मिक और आस्था के प्रतीक-चिह्न 'शर्मनाक' और 'अंधविश्वासी' थे!
दरअसल, ज़ायरा वसीम ने यह कहकर बॉलीवुड को बॉय-बॉय कह दिया कि अपने काम से ख़ुश नहीं हैं। अपने फेसबुक पेज पर उन्होंने लिखा कि वो ख़ुश इसलिए नहीं हैं क्योंकि बॉलीवुड उन्हें उनके अल्लाह और उनके मज़हब इस्लाम से दूर कर रहा था।
NaMo ऐप पर एक भाजपा नेता द्वारा हाल ही में दावा किया गया था कि मेरठ के प्रहलाद नगर से कम से कम 125 हिन्दू परिवारों ने इलाक़े में मुस्लिम महिलाओं द्वारा हिन्दू महिलाओं के उत्पीड़न के कारण पलायन किया है।
पीड़ित अनीता ने आरोप लगाया है कि हमलावरों का नेतृत्व टीआरएस के विधायक कोनेरु कोनप्पा के भाई कृष्णा कर रहे थे। कृष्णा के नेतृत्व में टीआरएस कार्यकर्ताओं ने वनकर्मियों पर हमला किया।
जेल से बाहर आने पर आकाश ने कहा, “मैं जनता की सेवा करता रहूंँगा। जेल में समय अच्छा बीता है। ऐसी स्थिति में जब पुलिस के सामने ही किसी महिला को घसीटा जा रहा था, मैं कुछ और करने की नहीं सोच सकता था।
ज़मीर को 5 जुलाई से पहले जाँच टीम के समक्ष उपस्थित होकर पूछताछ में सहयोग करना होगा। दरअसल, ज़मीर ने चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे में आईएमए के भगोड़ा मैनेजिंग डायरेक्टर मंसूर ख़ान से 5 करोड़ रुपए की संपत्ति ख़रीदने की जानकारी दी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में प्रेमचंद्र की कहानी 'ईदगाह', 'पूस की रात' और 'नशा' का ज़िक्र किया। तो आखिर ये तीन कहानियाँ हैं किस संदर्भ में? आइए जानते हैं एक-एक कर।
"सिद्धू का विभाग बदले जाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का मेरा कोई इरादा नहीं है। ऐसे में अब सिद्धू के लिए दो ही रास्ते बचे हैं- या तो वो नए विभाग का कार्यभार संभाल लें या फिर मंत्री पद छोड़ दें।"
त्यागराजन ने तमिलनाडु कॉन्ग्रेस कमिटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर गोपन पर राहुल गाँधी के प्रेस मीट को 50,000 रुपए से 1,00,000 रुपए में बेचने का गंभीर आरोप लगाया है।