Homeराजनीतिभक्ति की शक्ति: RaGa के इस्तीफे के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता ने की आत्‍महत्‍या...

भक्ति की शक्ति: RaGa के इस्तीफे के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता ने की आत्‍महत्‍या की कोशिश

लोकसभा में मिली करारी हार के बाद से ही राहुल गाँधी लगातार इस्तीफे की पेशकश कर रहे हैं। लेकिन कार्यकर्ता लोग...

राहुल गाँधी के इस्‍तीफे से नाराज एक कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता ने कॉन्ग्रेस दफ्तर के बाहर फाँसी लगाकर आत्‍महत्‍या करने की कोशिश है। इससे वहाँ पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भावुक कार्यकर्ता ने आत्महत्या करने के लिए खुद को वहाँ एक पेड़ से लटका लिया। हालाँकि, मौके पर मौजूद लोगों ने समय रहते उसे नीचे उतार लिया। कार्यकर्ता बार-बार राहुल गाँधी से इस्‍तीफा वापस लेने की माँग कर रहा था। उसका कहना था, “राहुल गाँधी इस्‍तीफा वापस लें, नहीं तो मैं फाँसी लगाकर जान दे दूँगा।”

देश के कई हिस्सों से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के राहुल गाँधी के इस्तीफे के खिलाफ प्रदर्शन करने की खबरें सामने आ रही हैं। हाल में बिहार के कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने खून से राहुल गाँधी को खत लिखकर आग्रह किया था कि वे इस्तीफा वापस ले लें।

लोकसभा में मिली करारी हार के बाद से ही राहुल गाँधी लगातार इस्तीफे की पेशकश कर रहे हैं। पार्टी की तरफ से राहुल गाँधी को मनाने के लिए कई स्तर पर कोशिशें जारी हैं। उन्हें कॉन्ग्रेस के आम कार्यकर्ता से लेकर वयोवृद्ध कॉन्ग्रेसी नेता तक समझाने की कोशिश कर रहे हैं। इन नेताओं में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत तक का नाम भी शामिल है। दोनों नेता बारी-बारी से हाल में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात कर चुके हैं। हालाँकि, राहुल गाँधी बीते दिनों इनके खिलाफ नाम न लेते हुए गुस्सा जाहिर कर चुके हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -