छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और राज्य में कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि नींद की कमी ने पीएम मोदी को मानसिक रोगी बना दिया है। बघेल ने साध्वी प्रज्ञा को चाकूबाज बताते हुए कहा कि वह शुरुआत से आदतन अपराधी और झगड़ालू प्रवृत्ति की रही हैं।
भाजपा की तेलंगाना इकाई के नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने पक्षपातपूर्ण ढंग से काम किया और केवल हिंदू संगठनों के सदस्यों पर लाठीचार्ज किया। जबकि गैर-कानूनी काम करने वाले लोग अभी भी खुला घूम रहे हैं।
पश्चिम बंगाल अपनी हिंसक गतिविधियों को लेकर शुरुआती दौर से ही चर्चा में रहा है। बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लेकर तो वहाँ आए दिन विवादों की ख़बरें सामने आती रहती हैं। कभी चुनाव अधिकारी के ग़ायब होने की ख़बर आती है, तो कभी बीजेपी कार्यकर्ताओं पर बम बरसाने की ख़बर का ख़ुलासा होता है।
जनता के बीच प्रचार के दौरान 'मोदी-मोदी' नारे सुनने वाले केजरीवाल पहले नेता नहीं हैं इससे पहले राहुल गाँधी, कन्हैया कुमार और उर्मिला मातोंडकर की भी रैली के दौरान या उनके भाषण के बीच में मोदी समर्थकों ने नारेबाजी की थी।
सेनगुप्ता ने कहा कि उस जगह से हिंसा की ख़बरें आई थीं, जिसका पता लगाने वो लोग वहाँ गए थे लेकिन तभी तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता उग्र हो गए और हमला बोल दिया। बंगाल पुलिस सामने के सामने ही यह सब हुआ लेकिन वो लोग मूकदर्शन बनें रहे।
इससे पहले 3 मई को गाँधी नगर से विधायक अनिल बाजपेयी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके बाद 4 मई को पंजाब में अमरजीत सिंह संदोहा कॉन्ग्रेस में शामिल हुए हैं। अमरजीत संदोहा रूपनगर विधानसभा के विधायक हैं।
पीएम मोदी ने राहुल गाँधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी का नाम लिए बगैर कहा था, "आपके पिता को उनके राज दरबारियों ने गाजे-बाजे के साथ 'मिस्टर क्लीन' बना दिया था, लेकिन उनका जीवनकाल 'भ्रष्टाचार नंबर-1' के रूप में समाप्त हो गया।"
संगरूर स्थित दिड़बा के चट्ठा ननहेड़ा गाँव में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी केवल सिंह ढिल्लों के पुत्र करण सिंह ढिल्लों प्रचार के लिए पहुँचे तो उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने कॉन्ग्रेस पर गुटका साहिब की बेअदबी का आरोप लगाया।
ये मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। ट्विटर पर अपना ग़ुस्सा ज़ाहिर करते हुए एक यूज़र ने लिखा, "ये क्या हो रहा देश में। कुछ कानून नाम के कोई चीज है या नही। पूरी गुंडा गर्दी हो रही है।"
ऐसा पहली बार नहीं है कि टीएमसी के गुंडों ने खुलेआम अपनी गुंडागर्दी दिखाई हो, इससे पहले इन्हीं हिंसाओं के बारे में सुनने के कारण पिछले चरण में ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का फैसला कर लिया था।