"भारत ने पाकिस्तान की धमकियों से डरने की नीति को छोड़ दिया है, वर्ना आए दिन बोलते रहते थे, हमारे पास न्यूक्लियर बटन है... हमारे पास न्यूक्लियर है बटन... तो हमारे पास क्या है भाई... क्या हमने इसे दिवाली के लिए रखा है?"
इंदौर भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय है क्योंकि यहाँ लगातार पिछले 8 चुनावों से ताई के नाम से पुकारी जाने वाली सुमित्रा महाजन का कब्ज़ा है और 30 वर्षों में ऐसा पहली बार हो रहा है जब वो चुनाव नहीं लड़ रही हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल की संगठनात्मक जिम्मेदारियों का हवाला देकर इस सीट से न लड़ने की बात कही थी।
पिछले दिनों महागठबंधन के मंच से भी कन्हैया कुमार को देशद्रोही कहा गया था, जिस पर वामपंथी धड़े में आक्रोश की लहर है। वहीं बेगूसराय की जनता भी उनके 'देश-विरोधी' विचारों की वजह से उनसे नाराज़ चल रही है, जिससे चुनाव प्रचार के दौरान झड़प और हाथापाई की खबरें आ जाती हैं।
MCU के 19 प्रोफेसरों व एक पूर्व कुलपति के ख़िलाफ़ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा एफआईआर दर्ज की गई। इनमें से 4 दलित हैं और 1 अनुसूचित जाति के हैं। सभी प्रोफेसरों पर धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड़यंत्र का आरोप दर्ज किया गया।
अभी तो चुनाव प्रचार के चार महत्वपूर्ण चरण बाकी हैं। पता नहीं बीजेपी ने अभी कितने रहस्य बचाकर रखे हैं। लेकिन जो भी हो 2019 का लोकसभा चुनाव धीरे-धीरे और दिलचस्प होता जा रहा है।
अखिलेश यादव की तस्वीर उनकी मैनपुरी में हुई रैली से वायरल हुई है। इस रैली में वहाँ से लोकसभा चुनाव लड़ रहे मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती भी शामिल थी। जहाँ से इन नेताओं को भाषण देना था, वहीं पर दो एसी एक के ऊपर एक लगाए गए थे।
पत्रकारिता के समुदाय विशेष का पसंदीदा देश है पाकिस्तान- और उसके खिलाफ मेजर जनरल बख्शी दो-दो युद्ध लड़ चुके हैं। यही नहीं, कारगिल के युद्ध में उनके सैन्य नेतृत्व का अभिनन्दन करते हुए उन्हें विशिष्ट सेवा पदक से भी नवाजा गया था। उनके बड़े भाई भी 1965 के युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए थे।
गुरुवार को लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के शुरू होते ही, पश्चिम बंगाल से बड़े पैमाने पर लगातार राजनीतिक हिंसा और चुनावी हिंसा की ख़बरें सामने आईं। इसी बीच नादिया ज़िले के रानाघाट से चुनाव अधिकारी अर्नब रॉय लापता हो गए। अब उनकी पत्नी...
मेजर जनरल बख्शी पाकिस्तान और आतंकवादियों के प्रति अपने कठोर रुख के लिए सम्मानित हैं, और इसीलिए ‘लिबरल’ धड़े में उन्हें नापसंद भी किया जाता है। लेकिन उनके यात्रा करने मात्र से विस्तारा में आगे से हवाई यात्रा न करने की धमकी देना तो पागलपन है भाई!
योगी आदित्यनाथ सरकार की माफिया और आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के कारण, कई दशकों में पहली बार, कई कुख्यात गैंगस्टर उत्तर प्रदेश में चल रहे लोकसभा चुनाव में भाग लेने से कतरा रहे हैं।