2016 में भी, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान, अनुब्रत मंडल को चुनाव आयोग ने 24 घंटे निगरानी में रखा था। जुलाई 2013 में, उन्होंने बीरभूम में एक सार्वजनिक बैठक में अपने समर्थकों से पुलिस पर बम फेंकने और पंचायत चुनावों में TMC विद्रोही उम्मीदवारों के घर जलाने को कहा था।
तेज बहादुर यादव के ख़िलाफ़ 2 मोबाइल फोन लेकर ऑपरेशनल ड्यूटी पर जाने और भोजन की गुणवत्ता को लेकर ग़लत अफवाह फैलाने का मामला साबित हुआ था, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया था। कॉन्ग्रेस ने अजय राय को यहाँ से उम्मीदवार बनाया है।
"ज्यादातर आर्थिक विकास कॉन्ग्रेस के शासन काल में ही हुआ है और सूई से लेकर विमान तक सब कुछ कॉन्ग्रेस के कार्यकाल में ही बना है। राफेल सौदे को लेकर हुए विवाद की वजह से इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हार तय है।"
कॉन्ग्रेस ने भीष्म शर्मा को नज़रअंदाज़ करते हुए शीला दीक्षित को उतार दिया। शीला और भीष्म में पुरानी प्रतिद्वंद्विता है और इसीलिए शीला ने प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालते ही सबसे पहले भीष्म शर्मा पर गाज गिराई। उन्हें 6 वर्षों के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
कुछ दिनों से ख़बरें चलाई जा रही थीं कि उमा और प्रज्ञा में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दोनों के बयानों के ग़लत मतलब निकाले जा रहे थे लेकिन आज इन अटकलों पर विराम लग गया। भोपाल से सांसद रहीं उमा ने प्रज्ञा सिंह के पाँव छुए और उन्हें टिका लगाकर खीर भी खिलाई।
खबर दुर्गापुर के जेमुआ गाँव की है, जो आसानसोल संसदीय क्षेत्र में आता है। बीते मतदान चरणों में हुई हिंसा की खबरों को सुनते हुए गाँव वालों ने यह फैसला लिया है।
हंस राज हंस दलित वाल्मीकि समुदाय से आते हैं। इससे बिफरे उदित राज ने भाजपा छोड़कर कॉन्ग्रेस ज्वाइन कर लिया था। उदित राज टिकट की घोषणा में हुई देरी के बाद से ही पार्टी को धमकाने लगे थे लगातार विवादित बयानों के कारण पार्टी ने उनसे किनारा कर लिया।
नाराजगी की बड़ी वजह उनके बेटे को मीडिया का उतना अटेंशन नहीं मिलना है। मांड्या लोकसभा सीट से उनके बेटे निखिल गौड़ा को जद(एस) की टिकट पर निर्दलीय उम्मीदवार एवं बहुभाषी अभिनेत्री सुमालता अंबरीश के खिलाफ उतारा गया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि स्मृति ईरानी ख़ुद हैंडपंप चलाकर आग बुझाने में ग्रामीणों की मदद कर रही हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों व महिलाओं से मिलकर उन्हें सांत्वना भी दी। अधिकारियों के समय से मौके पर न पहुँचने के कारण स्मृति नाराज़ दिखीं।