"पंडित नेहरू के बाद से किसी कॉन्ग्रेसी ने बहुत ज्यादा ध्यान नहीं दिया है। पार्टी में लिखने-पढ़ने की, मतलब विचारों के आदान-प्रदान की परिपाटी ख़त्म हो गई है। आज भी सोच-विचार में मेरी पार्टी, भाकपा, माकपा, और यहाँ तक कि मार्क्सवादी-लेनिनवादी भाकपा (माले) से प्रेरणा लेती है।"
प्रमोद कृष्णन ने सांप्रदायिक बयान (कविता के रूप में) देते हुए साफ़-साफ़ कहा था कि जो मुहम्मद का नहीं हो सकता वो हमारा भी कभी नहीं होगा। वीडियो में आप उन्हें स्पष्ट सुन सकते हैं। अपने आप को पैगम्बर मुहम्मद के दामाद हज़रत अली का अनुयायी बताने वाले प्रमोद कृष्णन चुनाव के दौरान...
तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों ने उन मतदाताओं को परेशान किया, जिनकी ऊँगली से इत्र की महक नहीं आ रही थी। जिनकी ऊँगली से इत्र की महक आ रही थी, उन्हें यह समझकर छोड़ दिया गया कि उन्होंने तृणमूल को ही वोट दिया है।
TMC के गुंडों ने मीडियाकर्मियों को गालियाँ दीं और जब उन्हें रिपोर्ट करने की कोशिश की गई तो उनका पीछा किया गया। इससे पहले, TMC कार्यकर्ताओं ने आसनसोल में सुप्रियो की कार पर हमला किया था। महिला पत्रकार के साथ...
जब मुनमुमन सेन से पिछले साल आसनसोल में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा के बारे में पूछा गया कि क्या उन्होंने दंगे के शिकार हुए पीड़ितों से मुलाकात की थी तो उन्होंने कहा कि उस दौरान वो काफी व्यस्त थीं। उस समय काफी रैलियाँ और बैठकें थी, जिसकी वजह से वो उनसे नहीं मिल पाईं।
पश्चिम बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 23 सीटें जीतने की बात कही है। बंगाल में लगातार पाँव जमा रही भाजपा ने दशकों तक राज करने वाले वामपंथी दलों को आसानी से तीसरे स्थान पर ढकेल दिया है। मोदी ने बंगाल के लोगों को 'मिशन महामिलावट' के प्रति आगाह करते हुए कहा कि कुछ दल केंद्र में एक खिचड़ी सरकार चाहते हैं।
2016 में भी, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान, अनुब्रत मंडल को चुनाव आयोग ने 24 घंटे निगरानी में रखा था। जुलाई 2013 में, उन्होंने बीरभूम में एक सार्वजनिक बैठक में अपने समर्थकों से पुलिस पर बम फेंकने और पंचायत चुनावों में TMC विद्रोही उम्मीदवारों के घर जलाने को कहा था।
तेज बहादुर यादव के ख़िलाफ़ 2 मोबाइल फोन लेकर ऑपरेशनल ड्यूटी पर जाने और भोजन की गुणवत्ता को लेकर ग़लत अफवाह फैलाने का मामला साबित हुआ था, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया था। कॉन्ग्रेस ने अजय राय को यहाँ से उम्मीदवार बनाया है।
"ज्यादातर आर्थिक विकास कॉन्ग्रेस के शासन काल में ही हुआ है और सूई से लेकर विमान तक सब कुछ कॉन्ग्रेस के कार्यकाल में ही बना है। राफेल सौदे को लेकर हुए विवाद की वजह से इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हार तय है।"