आज़म ख़ान ने यह विवादित बयान विदिशा में दिया। मध्य प्रदेश के विदिशा में दिवंगत सांसद मुनव्वर सलीम के अंतिम क्रिया-कर्म से लौटते वक़्त आज़म ने ऐसा कहा। जया प्रदा के बारे में सवाल पूछने पर आज़म ख़ान भड़क गए। जया प्रदा ने भी आज़म ख़ान पर पलटवार किया है।
अपनी पार्टी के 'त्याग' का जिक्र करते हुए राहुल गाँधी ने लिखा कि कॉन्ग्रेस AAP को 4 सीटें देने को राजी है लेकिन AAP नहीं मान रही। केजरीवाल के यू-टर्न का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि गठबंधन के लिए उनके दरवाजे खुले हैं लेकिन समय तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री शकील अहमद ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर पार्टी को सांसत में डाल दिया है। मधुबनी से 2 बार सांसद रहे शकील के बग़ावती तेवर से कॉन्ग्रेस को क्षेत्र में अच्छा-ख़ासा घाटा होने की उम्मीद है।
कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सिंघवी, राष्ट्रीय महिला आयोग, मुलायम की बहू अपर्णा यादव और सुषमा स्वराज सहित कई नेताओं ने आज़म ख़ान के महिला-विरोधी बयान की निंदा की है। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनका बचाव किया। आज़म ख़ान के खिलफ FIR भी दर्ज कर ली गई है।
चुनाव आयोग को लिखे शिकायत पत्र में भाजपा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने अपने भाषण में धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास करके आचार संहिता का उल्लंघन किया।
फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने मोदी के बयान की प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "तुम ये कहते हो कि अब्दुल्ला हिंदुस्तान को तोड़ना चाहता है। अरे, अगर हम हिंदुस्तान को तोड़ना चाहते तो हिन्दुस्तान आज होता ही नहीं।" अब्दुल्ला ने हाल ही में अनुच्छेद 370 को लेकर भी धमकी दी थी।
योगी ने कहा था, "जब गठबंधन के नेताओं को अली पर विश्वास है और वह अली-अली कर रहे हैं, तो हम भी बजरंगबली के अनुयायी हैं और हमें बजरंगबली पर विश्वास है।" साथ ही उन्होंने वेस्ट यूपी से हरा रंग साफ़ करने की अपील की थी। आयोग ने दोनों ही बयानों पर आपत्ति जताई है।
मोदी के समर्थन में नारे सुनकर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता भड़क उठे और उन्होंने बदले में जोर-जोर से 'चौकीदार चोर है' के नारे लगाने शुरू कर दिए। साथ ही उस युवक के साथ मारपीट भी की जो मोदी-मोदी का नारा लगा रहा था।
असल में उस पत्रकार ने वास्तविक गुंडागर्दी की तुलना भाजपा समर्थक के फेसबुक पोस्ट से करते हुए यह साबित करने का प्रयास किया कि दोनों ही एकसमान हैं, दोनों ही पक्षों की समान गलती है। उसकी नज़र में मनसे के गुंडों द्वारा भाजपा समर्थक को पीटा जाना फेसबुक पोस्ट करने जैसा ही है।