ट्वीटर यूजर द्वारा किया गया ये दावा पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद है। सच्चाई तो ये है कि इस वीडियो या फिर इस मुद्दे को किसी मेनस्ट्रीम मीडिया ने इसलिए कवर नहीं किया, क्योंकि आज सूरत में भाजपा समर्थकों द्वारा कोई बाइक रैली नहीं की गई थी।
कुछ दिन पहले मायावती भी समुदाय विशेष से एकजुट हो बसपा-सपा गठबंधन को वोट देने की अपील कर चुकी हैं। अब देखना ये है कि ध्रुवीकरण की अपील करने वाले सिद्धू पर राजनीतिक पार्टियों के साथ चुनाव आयोग की क्या प्रतिक्रिया आती है।
दोनों नेताओं की पार्टी के मध्य अनेकों मतभेदों के बाद भी निर्मला सीतारमण का थरूर से मिलना उन्हें भावुक कर गया। उन्होंने ट्विटर पर अपनी तस्वीर को साझा करने के साथ कहा कि राजनीति में शिष्टाचार एक दुर्लभ गुण है।
"आजम पापी है, उनका संहार होगा। जया प्रदा मेरी छाया की तरह हैं, इसलिए आजम खान को खुजली हो रही है। पार्टी का हर कार्यकर्ता जया प्रदा के लिए काम कर रहा है।"
किशनगंज में जनसभा को संबोधित करने के दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कॉन्ग्रेस भाजपा का डर दिखाकर लोगों से वोट माँग रही है। जबकि उसके खुद के शासन काल में भागलपुर के दंगे और बाबरी मस्जिद जैसी घटनाएँ हुईं थीं।
सपा नेता पंडित सिंह से जब मीडिया वालों ने पूछा कि आपको नहीं लगता है कि आजम खान का एक महिला के लिए इस तरह से बोलना गलत है, तो उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा, “आपको लगता है कि वो महिला है, वो महिला नहीं है, उनका बहुत ऊँचा है सोच।”
कभी विपक्ष को एकजुट करके रैली निकालने वाली ममता बनर्जी आज खुद कॉन्ग्रेस पर चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मदद लेने का आरोप लगा रही है। उनके अनुसार जंगीपुर में अभिजीत मुखर्जी के लिए और बहरामपुर में अधीर चौधरी के लिए RSS प्रचार कर रही है।
रवींद्र जडेजा का पूरा परिवार हाल ही में सक्रिय राजनीति में आया है। उनकी पत्नी रिवाबा जडेजा ने 3 मार्च को बीजेपी का दामन थामा था। जडेजा के पिता और बहन 14 अप्रैल को कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए। जिसके बाद अब जडेजा ने ट्वीट कर भाजपा का समर्थन किया है।