यह पहली बार नहीं है जब AAP और उनके प्रोपेगेंडा फैलाने वाले समर्थकों ने अडानी के खिलाफ अपने झूठे दावों के कारण अपने ट्वीट को हटाने के लिए मजबूर हुए हों।
रणबीर गंगवा को लेकर मीडिया में खबरें हैं कि भाजपा उनको हिसार लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है। गंगवा आईएनएलडी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और वह राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।
लोजपा भी नवादा पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नही है और गिरिराज सिंह भी पीछे नहीं हट रहे। हालाँकि, गिरिराज सिंह ने कहा है, "चुनाव लड़ूँ या नही, पार्टी की सेवा की है और आगे भी करता रहूँगा।"
प्रधानमंत्री मोदी जहाँ बनारस से चुनाव लड़ेंगे, वहीं अमित शाह को गाँधीनगर की ज़िम्मेदारी दी गई है। गाँधीनगर में भाजपा ने 1989 से आजतक चुनाव नहीं हारा है।
आज के समय में कॉन्ग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी त्रासदी ये है कि उनके सबसे वरिष्ठ और 'कद्दावर पार्टी अध्यक्ष' का NDA सरकार को घेरने के लिए सबसे बड़े सबूत फोटोशॉप्ड तस्वीरें और ''किसी ने कहा है" होते हैं।
अपने समय में इंदिरा गाँधी का रुतबा ऐसा थी कि बड़े-बड़े नेता भी उनसे आँख मिलाकर बात करने में घबराते थे। लेकिन भक्तदर्शन पहाड़ी थे, अपनी 'चौड़ाई' में रहते थे। 71 लोकसभा चुनाव में इंदिरा को जीत चाहिए थी लेकिन अपने आदर्शों के कारण भक्तदर्शन ने अपने प्रधानमंत्री को दो टूक शब्दों में कहा...
रणजीत ने अपने हजारों समर्थकों के सामने इसकी घोषणा की है कि वह राज्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में वानखेडे स्टेडियम के गरवारे हॉल में बीजेपी में शामिल होंगे।
5 मतों के अंतर से प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने विश्वासमत हासिल कर लिया। प्रमोद सावंत को भाजपा के 11, महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) के 3, गोवा फॉरवॉर्ड पार्टी (GFP) एवं 3 निर्दलीय का भी समर्थन मिला।