योगी सरकार ने 9 सालों में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। विकास के साथ-साथ पर्यावरण पर भी पूरा ध्यान दिया है और नदियों के संरक्षण से लेकर जानवरों तक की चिंता की है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि मंदिर निर्माण के 5 साल बाद सपा को मंदिर-प्रबंधन की पारदर्शिता की याद क्यों नहीं आई? यह 'चिंता' अचानक तभी क्यों जागी जब 2027 का विधानसभा चुनाव सिर पर है?