इससे पहले दिल्ली सरकार ने इसी याचिका की तत्काल सुनवाई के लिए 13 सितंबर 2021 को उल्लेख किया था। उस दौरान सर्वोच्च अदालत इसे सूचीबद्ध करने को सहमत हो गई थी।
लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा पर कॉन्ग्रेस, सपा सहित सहित सभी विपक्षी दलों द्वारा जबरदस्त राजनीति हो रही है। यूपी में पार्टी में नई जान फूँकने में लगी कॉन्ग्रेस इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार की घेराबंदी में जुट गई है।