द क्विंट ने डीएस बिंद्रा नाम के उस आरोपित को बचाने की कोशिश की है, जिसके लिए चार्जशीट में कहा गया है कि उसने उन दंगों को भड़काने का काम किया, जिसमें कॉन्स्टेबल रतनलाल की जान गई थी।
ऑपइंडिया ने मेवात में मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं पर हुए अत्याचार की जमीनी हालातों को जानने के लिए कई स्थानीय लोगों से संपर्क किया। हमारी बात उन पत्रकारों से भी हुई। जिन्होंने वहाँ जाकर ग्राउंड रिपोर्टिंग की।
बहुत ही बारीकी से कभी प्रतीकात्मक तस्वीर के नाम पर तो कभी सीधे खुल्ले में खेलते हैं कि कौन सी जनता जा रही है तहकीकात करने? अगर बाद में पता भी चला तो क्या हो जाएगा? क्योंकि आजतक कभी इन्हें अपनी इन हरकतों पर कोई बड़ा आउटरेज नहीं झेलना पड़ा।