दशहरे के शुभ अवसर पर इस बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारतीय मूल्यों को बरकरार रखते हुए पेरिस में शस्त्र पूजन करेंगे। 8 अक्टूबर को वह पेरिस में पहले राफेल फाइटर जेट को प्राप्त करके शस्त्र पूजन करेंगे और फिर उसी दिन वे उसमें उड़ान भी भरेंगे।
अमेरिकी एजेंसी से मिले इनपुट के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं, जिसमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 निष्क्रिय किए जाने के बाद आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISI) प्रायोजित आतंकी हमले हो सकते हैं।
इससे पहले शहीद होने या 60 प्रतिशत से अधिक की अक्षमता होने पर 2 लाख रुपए की वित्तीय मदद का प्रावधान था। इसके साथ ही 60 फीसदी से कम अक्षमता वाले जवानों को एक लाख रुपए का वित्तीय मदद मिलती थी।
जाँच एजेंसी ने यासीन मलिक के अलावा, दुख्तारन-ए-मिलत प्रमुख आसिया अंद्राबी, J&K डेमोक्रेटिक फ़्रीडम पार्टी के संस्थापक शब्बीर शाह, J&K मुस्लिम लीग के अध्यक्ष मसर्रत आलम और पूर्व विधायक और अवामी इत्तेहाद पार्टी के अध्यक्ष अब्दुल रशीद शेख को आरोपी बनाया है।
जम्मू-कश्मीर का माहौल बिगाड़ने के लिए आतंकी कई तरह की साजिशें रच रहे हैं। हालॉंकि अब तक उन सारे मंसूबे सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण नाकाम रहे हैं। आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ की भी लगातार कोशिश कर रहे हैं।
अलगाववादी यासीन मलिक के ख़िलाफ़ 2017 में टेरर फंडिंग का आरोप है। इसी मामले में कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत को 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। अलगाववादी यासीन मलिक को दिल्ली के तिहाड़ जेल में रखा गया है।
एयर चीफ़ मार्शल भदौरिया ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाइयों को बड़ी उपलब्धि बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की तरफ से कोई भी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया गया तो सरकार की योजना के अनुसार उसका उचित जवाब दिया जाएगा।
पोस्टरों पर नारा लिखा है, 'एलओसी तोड़ दो, बिखरा कश्मीर जोड़ दो।' गुलाम कश्मीर के लोगों को आगे कर सीमा पर बड़े पैमाने पर हिंसा की रची गई साजिश को देखते हुए भारत ने सीमा पर सुरक्षा के काफी पुख्ता प्रबंध किए हैं।
दिल्ली में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के लिए गुप्त योजना पाँच दिन पहले क़रीब 900 किलोमीटर दूर कश्मीर में सेब के बाग में तैयार हुई। इसका खाका आतंकी संगठन जैश के जम्मू-कश्मीर कमांडर अबु उस्मान ने तैयार किया और इस गुप्त योजना को नाम दिया ‘डी’।
सीमा पर सुरक्षा बल की तैनाती से आतंकियों का प्लॉन ए और बी में नाकामयाब हो गया है, इसलिए अब वह नवरात्रि में धार्मिक स्थल पर दंगे करवाकर माहौल खराब करने की कोशिश में है। साथ ही घुसपैठ के जरिए प्लॉन बी को भी कामयाब करने की कोशिशों में हैं।