लोकसभा चुनावों के लिए अनंतनाग से नामांकन दाखिल करने के दौरान उन्होंने धमकी दी है कि यदि भाजपा या किसी ने संविधान की धारा 370 हटाई तो जम्मू कश्मीर हिंदुस्तान से अलग हो जाएगा।
निसार अहमद तांत्रे जम्मू-कश्मीर के लेथपोरा स्थित सीआरपीएफ कैंप पर दिसंबर 2017 में हमले का मुख्य साज़िशकर्ता है। ये हमला 30-31 दिसंबर 2017 की रात में किया गया था। इस हमले में हमारे पाँच जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
बीते वित्त वर्ष में एचएएल ने 11 सुखोई-30MKI और 7 तेजस फाइटर्स का निर्माण किया। उन्होंने 5 डोर्नियर-228 एयरक्राफ्ट्स, तीन चीता (लाइट) हैलीकॉप्टर और 15 ध्रुव (एडवांस लाइट) हैलीकॉप्टर्स का निर्माण किया। कुल मिलकर उन्होंने 41 एयरक्राफ्ट्स का निर्माण किया।
अधिसूचना के अनुसार, हालाँकि, तिराप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों, नामसाई जिले के नामसाई तथा महादेवपुर थानों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों, लोअर दिबांग घाटी जिले के रोइंग तथा लोहित जिले के सुनपुरा में अफस्पा 6 और महीनों के लिए 30 सितंबर तक लागू रहेगा।
"साइबर एक सीमाविहीन युद्धक्षेत्र है। यहाँ एक बार घुसपैठ कर लेने पर दुश्मन की विद्युत, आर्थिक, नागरिक उड्डयन, संचार आदि सभी क्षमताओं को एक ही झटके में ध्वस्त कर सकते हैं। इस लिए इलेक्ट्रॉनिक्स दुश्मन के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार भी और हमारी सबसे बड़ी कमजोरी भी।"
कॉन्ग्रेस शासनकाल में कई भीषण दंगे हुए, जिनको लेकर उन पर सवाल नहीं दागे गए। भाजपा शासनकाल में देश अपेक्षाकृत शांत है और ऐसी घटनाओं में कमी आई है। अगर हम 2011-2013 की बात करें तो उस दौरान भी कॉन्ग्रेस शासित राज्य सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में सबसे ज्यादा थे।
‘बेचारे रोहिंग्या’ का narrative बुनने वाले ‘अदृश्य’ अवैध अप्रवासियों द्वारा किए गए संभावित गुनाह की गठरी अपने सर बाँधेंगे? क्योंकि यही सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक इस समूह के अधिवक्ता बन जाते हैं। और इसलिए बन जाते हैं क्योंकि यह घुसपैठिए ‘समुदाय विशेष’ से होते हैं।
महत्वपूर्ण निर्णय के लिए डोभाल पण्डित नेहरू के कश्मीर मामले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने का उदाहरण देते हैं। उनके अनुसार उस निर्णय के कारण ही पीओके को पाकिस्तान के चंगुल से मुक्त नहीं कराया जा सका और कश्मीर ही भारत की सभी आतंकवादी समस्याओं के मूल में है।
मोदी सरकार द्वारा महिला सामर्थ्य पर दिखाया गया अटल विश्वास उस समय दिखा जब देश के 66 वें गणतंत्र दिवस के मौक़े पर तीनों सेनाओं के एक विशेष महिला दस्ते ने मार्च करते हुए अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया।