राष्ट्रीय सुरक्षा

पाकिस्तानी आतंक की सड़ाँध ईरान और अफ़ग़ानिस्तान तक है

सवाल यह है कि इतने सालों तक अमरीकी फ़ौज की मौजूदगी होते हुए भी अफ-पाक सीमा पर से आतंकवादियों का ख़ात्मा क्यों नहीं हो सका? उप विदेश मंत्री करज़ई इसके कारण बताते हुए लिखते हैं कि इन आतंकियों को ‘स्टेट’ (अर्थात पाकिस्तान) द्वारा संरक्षण प्राप्त है।

पुलवामा आतंकी हमला: 23 जवानों के कर्जे को SBI ने किया माफ़

बलिदान हुए 40 जवानों में से 23 सीआरपीएफ कर्मियों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ था और इसी दिशा में बैंक ने तत्काल प्रभाव से बकाया कर्ज माफ़ करने का निर्णय किया है।

मेरठ के वीर अजय: ढाई साल का पुत्र, 8 महीने गर्भवती पत्नी और एक बिलखती माँ

मेरठ के जानी ब्लॉक के बसा टीकरी गाँव के रहने वाले अजय की उम्र 27 साल थी। 7 अप्रैल 2011 में अजय सेना की 20 ग्रेनेडियर में भर्ती हुए।

सरेंडर करो या गोली खाओ: कश्मीर के ‘भटके’ नौजवानों के लिए सेना की फाइनल वॉर्निंग

"सरेंडर करने वालों के लिए सेना कई तरह के अच्छे कार्यक्रम चला रही है। लेकिन आतंकवाद में शामिल होने वालों पर कोई रहमदिली नहीं दिखाई जाएगी।"

पुलवामा के वीर: जन्मदिन मनाकर लौटे ही थे नसीर अहमद, किसे पता था यह आख़िरी होगा

14 फरवरी को इस आत्मघाती हमले का शिकार हुए नसीर एक दिन पहले ही यानि 13 फरवरी को अपना 46 वाँ जन्मदिन मनाकर ड्यूटी पर वापस लौटे थे।

जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर गाज़ी के बाद घाटी में टेरर-60 का ख़ात्मा सेना का अगला लक्ष्य

घाटी में आतंकी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। इतना ही नहीं सरहद के पार पाकिस्तान की सेना भी इन आतंकियों को भारतीय सेना के कोप से बचाने में जुट गई है।

पुलवामा के वीर: 20 साल देश सेवा के बाद भी था संजय का जज़्बा बरक़रार, ख़ुद बढ़वाई थी नौकरी के 5 साल

संजय के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 13 और 10 साल है। उनके परिवार में चार भाई और एक बहन हैं। जिसमें से एक भाई को पहले ही परिवार एक्सिडेंट में खो चुका है।

पुलवामा के वीर: नितिन राठौर की पत्नी ने कहा ‘बेटे को करूँगी सेना को समर्पित’

नितिन की मौत की ख़बर सुनने के बाद गाँव के लोगों ने अपने घरों में खाना नहीं बनाया। लोगों में एक तरफ जहाँ गुस्सा था वहीं सरकार को पाकिस्तान के ख़िलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की माँगें भी शामिल थी।

पुलवामा के वीर: कुलविंदर की अंतिम यात्रा में पहुँचीं मंगेतर, नवंबर में तय थी शादी

कुलविंदर की मंगनी गांव लोदीपुर वासी अमनदीप कौर से लगभग ढाई साल पहले हुई थी। आठ नवंबर को शादी होनी तय थी। कुलविंदर के पार्थिव शरीर को देख अमनदीप कौर कई बार बेहोश हुई।

पुलवामा के वीर: छिन गया सबसे छोटा बेटा, मज़दूर पिता ने कहा ‘ख़ून का बदला ख़ून’

अश्वनी कुमार घर के एकमात्र कमाऊ पूत थे। उनके पिता ने मज़दूरी कर बेटों को पढ़ाया- लिखाया। कॉलेज के समय से ही एनसीसी में रहे अश्वनी काफ़ी पहले से ही सीआरपीएफ में भर्ती होना चाहते थे। इसी वर्ष उनकी शादी भी तय होने वाली थी।

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