जब यह हादसा हुआ तब वहाँ बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता मौजूद थे। इन कार्यकर्ताओं ने पुल टूटने के बाद मची चीख-पुकार के बीच 170 लोगों को नदी में डूबने से बचाया है।
ईरान में हिजाब के विरुद्ध किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल होने पर शाहिदी को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें लाठियों से पीटा गया। जन्मदिन से एक दिन पहले उनकी मौत हो गई।