साल 2019 में पेरिस की एक अदालत ने कंपनी पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया था। कोर्ट का तर्क था कि कंपनी द्वारा किए गए आर्थिक लेन-देन के पीछे ऐसा उद्देश्य नहीं था।
तालिबान की सरकार के शीर्ष नेतृत्व में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री समेत अनेक ऐसे नेता हैं जिनके नाम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकी सूची में हैं।