पुलिस ने 5 दरिंदों पर बकरी को तड़पाने, उसका गैंगरेप करने और फिर मारने के मामले में केस दर्ज किया है। इनमें कुछ की पहचान नईम, नदीप, रब नवाज के तौर पर हुई है।
काँवड़ यात्रा के लिए जल लेने वालों की गिरफ्तारी न्यायालय के आदेश के प्रति उत्तराखंड सरकार के जिम्मेदारी पूर्ण आचरण को दर्शाती है। प्रश्न यह है कि हम ऐसे जिम्मेदारी पूर्ण आचरण की अपेक्षा केरल सरकार से किस सदी में कर सकते हैं?
एनसीपीसीआर ने यह भी पाया कि बड़े लड़कों को भी विरोध स्थलों पर भेजा गया था। बच्चों को विरोध के लिए भेजना किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 83(2) का उल्लंघन है।