हरिश्चंद्र के भाई राम सिंह ने जानकारी दी है कि परिवार को अब उससे कोई मतलब नहीं है। राजस्व के रिकॉर्ड चेक किए गए तो उसमें हरिश्चंद्र उर्फ़ हसमत लिखा हुआ है।
हेरमैन ने बताया कि हमले के पीछे 'इस्लामी कट्टरपंथ’ से इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपित को 'अल्लाह हू अकबर' चिल्लाते हुए सुना।
"मेरे अंदर सफल राजनेता बनने की क्षमता नहीं है। मैं बन सकता तो अब तक बन गया होता। ऐसा DGP खोज के निकाल दीजिए जो विधायक का चुनाव लड़ने के लिए DGP पद से 6 महीने पहले इस्तीफा दे।"
खबरों के माध्यम से चैनल के संपादक अतुल अग्रवाल ने उनकी मानहानि की और योग व हिंदू धर्म संस्कृति पर सवाल उठाते हुए धार्मिक भावनाओं को आहत किया। इस मामले में कोर्ट ने पुलिस को चैनल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।