जनवरी 2019 में दिल्ली के मस्ज़िदों के इमामों के वेतन को ₹10,000 से बढ़ा कर ₹18,000 करने का ऐलान किया गया था। मस्जिदों में अज़ान पढ़ने वाले मुअज़्ज़िनों के वेतन में भी बढ़ोतरी कर इसे ₹9,000 से ₹16,000 कर दिया गया था।
कर्नाटक कॉन्ग्रेस के ट्विटर हैंडल से कुछ ट्वीट किए गए। इसमें एक तरफ वायरस और दूसरी तरफ वैक्सीन दिखा कर पार्टी ने अपनी हिंदूविरोधी, भाजपा विरोधी, आरएसएस विरोधी मानसिकता का खूब प्रदर्शन किया।
एक 70 साल के बूढ़े साधु का हँसता हुआ चेहरा आपको याद होगा? पालघर में हिन्दूघृणा में 2 साधुओं और एक ड्राइवर की मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर मीडिया चुप रहा। लिबरल गिरोह ने सवाल नहीं पूछे।