जब लिबरल्स रिहाना, मिया खलीफा की जय-जयकार कर रहे थे, इस दौरान कुछ लोगों ने उनके अस्तित्व और ठिकाने को लेकर ही उन पर सवाल खड़े कर दिए। इनमें से एक बेबी कुमारी भी थीं।
कुछ वीडियोज सामने आई हैं, जिससे साफ हो रहा है कि पूरे प्रदर्शन में खालिस्तानियों की घुसपैठ है। इसके बाद दूसरी वीडियो में साफ-साफ तिरंगे का अपमान होते देखा जा सकता है।
जातिगत हमला दिलीप मंडल ने यही नहीं रोका। हर मुद्दे में जाति ले आने वाले दिलीप मंडल ने कहा कि आनंद रंगनाथन इसलिए गुस्से में हैं क्योंकि इससे उनकी जाति के गुमान को ठेस पहुँची है।
राहुल गाँधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि इतने सारे तानाशाहों के नाम 'M' से ही क्यों शुरू होते हैं। इस पर लोगों ने राहुल गाँधी से ही सवाल किया कि फिर मोहनदास और मोती लाल नेहरू क्या थे?
उसे भारतीय कानून को समझने की भी सलाह दी गई है क्योंकि ट्विटर ने 'अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों' का बहाना बना कर के खुद को बचाना चाहा है।