रिपोर्ट

अब्दुल ने 14 साल की लड़की से रेप किया, वीडियो भी बनाया… उसका अब्बा धर्म परिवर्तन कर निकाह के लिए बनाया दबाव

अब्दुल रहमान उर्फ गोलू व उसके पिता कलीम को बलिया शहर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पास गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों...

राजस्थान में महादेव मंदिर के 75 वर्षीय सेवादार की हत्या: हाथ-पाँव रस्सी से बँधे, मुँह में ठूँस डाला था कपड़ा

75 वर्षीय वृद्ध सेवादार गिरिराज मेहरा की हत्या कर दी गई। जयपुर के सोडाला इलाके में राकड़ी स्थित मेहरा समाज के राकेश्वर महादेव मंदिर की घटना।

लहराया गया खालिस्तानी झंडा, लगे भारत विरोधी नारे: वॉशिंगटन में किसान समर्थन की आड़ में खालिस्तान की माँग

वॉशिंगटन में खालिस्तानी समर्थकों ने कहा कि वह अब तक 26 जनवरी को काला दिन मना रहे थे, लेकिन इस बार एकजुटता में खड़े हैं।

ट्रैक्टर पलटने के बाद जिंदा था ‘किसान’, प्रदर्शनकारी अस्पताल नहीं ले गए… न पुलिस को ले जाने दिया: ‘Times Now’ का खुलासा

उक्त 'किसान' ट्रैक्टर से स्टंट मारते हुए पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ रहा था, लेकिन अपनी ही ट्रैक्टर पलटने के कारण खुद उसके नीचे आ गया और मौत हो गई।

11.5% की आर्थिक वृद्धि दर, 2021 में भारत के लिए IMF का अनुमान: एकमात्र बड़ा देश, जो बढ़ेगा दहाई अंकों के साथ

IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था को 2021-22 में 11.5 प्रतिशत तक उछाल देने का अनुमान लगाया। वर्ल्ड इकॉनमिक आउटलुक रिपोर्ट में...

153 पुलिसकर्मी घायल, 7 FIR दर्ज: किसी का सर फटा तो कोई ICU में, राकेश टिकैत ने पुलिस को ही दिया दोष

दिल्ली पुलिस ने 'किसानों' द्वारा हुई हिंसा के मामलों को लेकर 7 FIR दर्ज की है। दिन भर चले हिंसा के इस खेल में 153 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

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