इस पर 'निजी संपत्ति' का बोर्ड लगाने वाले एक काजी ने दावा किया कि यह एक हजार साल पुराना ना होकर चार सौ साल पुराना है, जिसे उनके पूर्वजों द्वारा पूरा कराया गया था।
ऋषिकेश पवार की तलाश जारी है। वो सुशांत सिंह राजपूत के ड्रीम प्रोजेक्ट में असिस्टेंट डायरेक्टर थे। कई सबूत सामने आए हैं, जिसमें ये साफ हुआ है कि ऋषिकेश पवार ही सुशांत को ड्रग्स सप्लाई करते थे।