राहुल गाँधी और जस्टिन ट्रूडो दोनों मजबूत राजनीतिक परिवारों से आते हैं। राहुल गाँधी के पिता, दादी और परदादा सभी भारत के प्रधानमंत्री रहे हैं। ट्रूडो के पिता पियरे ट्रूडो भी कनाडा के प्रधानमंत्री थे।
जब उनसे पूछा गया कि इस 'किसान आंदोलन' में इंदिरा गाँधी की हत्या को याद कराते हुए पीएम मोदी को भी धमकी दी गई है, तो उन्होंने कहा कि जिसने जो बोया है, वो वही काटेगा।
3 नवंबर को दायर की गई अपनी याचिका में शौविक ने कहा था कि उन्हें इस केस में फँसाया जा रहा है, क्योंकि उनके मुताबिक उनके कब्जे से कोई भी ड्रग या साइकोट्रॉपिक पदार्थ जब्त नहीं हुए थे।
बातचीत में शामिल प्रतिनिधिमंडल में स्वराज पार्टी (Swaraj Party) के नेता योगेन्द्र यादव (Yogendra yadav) का भी नाम था। मगर बाद में केंद्र सरकार के ऐतराज के बाद उनका नाम हटा दिया गया।
रिपोर्ट में अमेरिका ने अपना दावा करते हुए सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में झड़प वाले हफ्ते हजार की तादाद में पीएलए सैनिकों को तैनात किया गया था।
हैरान होने वाली बात तो है कि आखिर एक साल में बीकेयू इतना बड़ा यूटर्न कैसे ले सकती है। वह लगातार कृषि क्षेत्र में किसानों के हित के लिए बिचौलियों को हटाना चाहते थे।