यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष ने मोदी सरकार द्वारा स्वीकृत कुल पैकेज के रूप में स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों पर होने वाले खर्च को झूठा मानते हुए आरएसएस की शाखाओं पर कटाक्ष करने की कोशिश की।
अगस्त 12-13, 1992 का दिन। गया जिला का बारा गाँव। माओवादियों ने इलाके को घेरा और 'भूमिहार' जाति के 35 लोग घर से निकाले गए। पास में एक नहर के पास ले जाकर उनके हाथ बाँधे गए और सबका गला रेत कर मार डाला गया। लालू राज में जाति के नाम पर ऐसी न जाने कितनी घटनाएँ हुईं।
PFI सदस्य और कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन के परिवार ने इस मुलाकात में राहुल गाँधी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की माँग कर कप्पन की जल्द रिहाई की गुहार लगाई।