रिपोर्ट

मुंबई के सायन अस्पताल की खिड़की से अब कोरोना पॉजिटिव ने की भागने की कोशिश: वीडियो वायरल

वीडियो में दिख रहा शख्स कोरोना संक्रमित है। सायन अस्पताल के मुताबिक उसे भूतल पर एक वार्ड में भर्ती किया गया था।

डॉक्टर सुसाइड केस: AAP विधायक प्रकाश जरवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट, तलाश में दबिश दे रही पुलिस

AAP विधायक प्रकाश जरवाल और उनके साथी कपिल नागर के ख़िलाफ़ डॉक्टर राजेन्द्र के सुसाइड मामले गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है।

हत्या के बाद 9 घंटे तक सड़क पर लावारिस पड़े रहे साधुओं के शव: पालघर मॉब लिंचिंग मामले में न्यूज नेशन का दावा

पालघर में साधुओं की लिंचिंग को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब पता चला है कि उनके शव की घंटों सुध नहीं ली गई।

अब गूगल और ऑक्सफोर्ड ने दिखाई हिंदुओं से घृणा: शब्द का अर्थ बताते हुए घुसाया घटिया नैरेटिव

गूगल, ऑक्सफोर्ड द्वारा हिंदुओं की ऐसी कोई भी तुलना, जो कट्टरपंथी मुस्लिमों के समानांतर दिखाती हो, बेबुनियाद और हिंदूफोबिया से भरी हुई है।

‘हम शुक्रगुजार हैं कि इस मुसीबत में भी हमें निकाल कर लाए’: ढाका से श्रीनगर लौटे 167 कश्मीरी छात्र

हादिया रशीद नाम की एक छात्रा ने बताया कि बांग्लादेश में फँसे होने के दौरान भी उन्हें भारतीय एंबेसी ने लगातार मदद पहुँचाई।

300 साल पुरानी परंपरा छोड़ 240 मुस्लिम बने हिंदू: हिसार के बिठमड़ा गाँव का मामला

गाँव में दशकों से रह रहे 30 परिवारों के करीब 240 लोगों ने अपनी इच्छा से हिंदू धर्म में वापसी की है। एक वृद्धा का अंतिम संस्कार भी हिन्दू रीति-रिवाजों से किया।

कैंसर और कोरोना से मर जाए: अमित शाह​ की मौत की कामना कर रहीं महिला पत्रकार विजयलक्ष्मी और लेखा

अमित शाह की मृत्यु देखने के लिए लेखा इतनी उतावली हैं कि वे लिखती हैं, “और बीमारी क्या है? कोविड, कैंसर या दोनों? अगर ये तड़ीपार है, तो उम्मीद है दोनों।”

कॉन्वेंट में नन बनने के लिए पढ़ रही 21 वर्षीय लड़की की रहस्मय तरीके से कुएँ में मिली लाश, पहले भी इसी तरह हुए...

केरल के तिरुवल्ला से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई हैं। जहाँ एक नन बनने के लिए पढ़ाई कर रही लड़की की लाश पलियाकारा बेसेलियन कॉन्वेंट के......

अब जागो, हथियार उठाओ और अपने घर से बाहर आओ: भुज की मस्जिद से देर रात अजान

इमाम-ए-रब्बानी मस्जिद से देर रात करीब 2:30 बजे बेवक्त की अजान दी गई। समुदाय विशेष से हथियारों के साथ घर से निकलने को कहा गया।

कोरोना से दूसरे समुदाय के लोगों की मौत के बढ़ते मामलों से परेशान उद्धव सरकार, अब इमाम और उर्दू का लेगी सहारा

मलिन बस्तियों में मजहब विशेष के लोग बड़ी संख्या में हैं और एक छोटे से कमरे में कम से कम 8-10 लोग रहते हैं, जहाँ सोशल डिस्टेंसिंग रखना बेहद मुश्किल है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें