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मुंबई के सायन अस्पताल की खिड़की से अब कोरोना पॉजिटिव ने की भागने की कोशिश: वीडियो वायरल

वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक आदमी खिड़की की ओर भागता हुआ दिखाई दे रहा है और वह खुली खिड़की से बाहर की ओर कूद जाता है। इस दौरान वहाँ पीपीई किट में एक अस्पताल का कर्मचारी और मरीजों के देखरेख करने वाले कुछ अन्य लोग बैठे हुए हैं।

मुंबई के सायन अस्पताल से एक बार फिर चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। यहाँ एक कोरोना पॉजिटिव मरीज ने अस्पताल की खुली खिड़की से भागने की कोशिश की। लेकिन बाहर गेट पर बैठे सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया। इसके बाद अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक आदमी खिड़की की ओर भागता हुआ दिखाई दे रहा है और वह खुली खिड़की से बाहर की ओर कूद जाता है। इस दौरान वहाँ पीपीई किट में एक अस्पताल का कर्मचारी और मरीजों के देखरेख करने वाले कुछ अन्य लोग बैठे हुए हैं।

हालाँकि मरीज अस्पताल से भागने में कामयाब नहीं हो सका, क्योंकि अस्पताल कैंपस से बाहर निकलने से पहले ही सुरक्षा में तैनात गार्डों ने समय रहते उसे पकड़ लिया।

यह घटना बीते रविवार (3 मई, 2020) रात 9:25 बजे की बताई जा रही है।

इस वीडियो की अस्पताल के सूत्रों ने पुष्टि करते हुए बताया कि वह शख्स, जिसने खिड़की से भागने की कोशिश की थी, वह कोरोना पॉजिटिव मरीज है। उसे अस्पताल के भूतल पर कोरोना वार्ड नंबर 5 में भर्ती किया गया था। वह अपने बिस्तर पर था, लेकिन अचानक उठकर खिड़की की तरफ भागा। उसे बाहर पकड़ लिया गया। अस्पताल प्रशासन ने मरीज को कथित तौर पर अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही मानसिक रूप से तनाव में बताया है।

आपको बता दें कि इससे पहले भी सायन अस्पताल का एक वायरल वीडियो सामने आया था, जिसमें साफ तौर पर देखा गया था कि जिस वार्ड में कोरोना वायरस के मरीज भर्ती थे, वहाँ लाशें रखी हुई थीं।

वीडियो में वॉर्ड में मरीजों के बीच शव रखे दिख रहे थे। मरीजों के बीच काले प्लास्टिक के बैगों में कोरोना पॉजिटिव मरीजों के शव भी वॉर्ड के बेडों पर रखे थे। कुछ शवों को कपड़ों से तो कुछ कंबल से ढका गया था। मरीज और उनके परिजनों ने मामले में अस्पताल प्रबंधन से शिकायत भी की थी।

अस्पताल के डीन डॉ. प्रमोद इंगले ने वायरल वीडियो की पुष्टि करते हुए बताया था कि कानूनी कार्यवाही और विशेष निर्देश के चलते वे अपने दम पर अंतिम संस्कार नहीं करा सकते थे। उधर, रिश्तेदार शवों को ले जाने के लिए नहीं आ रहे हैं। इसलिए इन्हें वार्ड में रखा गया। मॉर्चुरी में जो 15 सेल्फ हैं, उनमें से 11 भरे हुए हैं।

इससे पहले, कूपर अस्पताल से इसी तरह की घटना सामने आई थी, जहाँ एक मरीज को कथित तौर पर लावारिस छोड़ दिया गया था और उसे अपने आसपास दो लाशों के साथ रात गुजारनी पड़ी थी।

इसी तरह कोलकाता से भी संक्रमित लाशों को सँभालने में लापरवाही के बारे में शिकायतें सामने आई थी। एक वायरल वीडियो में, कोलकाता के एमआर बांगुर अस्पताल में लाशें लावारिस हालत में पड़ी देखी गईं थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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