सेना ने केरन सेक्टर में सीमा पार से भारत में घुसने की आतंकियों की कोशिशों को नाकाम कर दिया। खराब मौसम का फायदा उठाते हुए रविवार को पाँच आतंकी भारत में दाखिल होने की फिराक में थे। सेना ने मोर्चा सँभाला और खराब मौसम की परवाह न करते हुए सभी आतंकियों को ढेर कर दिया।
आदत से मजबूर सबा नकवी ने एक पुराना विडियो ट्वीट किया और दावा किया कि हिंदू भी बड़े पैमाने पर लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं। विडियो में अयोध्या के मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई पड़ रही थी।
कानपुर में जमातियों से परेशान डॉक्टरों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी। इसमें कहा गया कि ये लोग सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक उड़ा रहे हैं। एक जगह जमा होकर नमाज अदा कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस यह पता करने में जुटी है कि उन जमातियों ने इमरान से कैसे संपर्क साधा या फिर इमरान उन्हें कैसे जानता था। पुलिस को आशंका है कि इमरान ने पहले भी जमातियों को बॉर्डर पार कराया होगा।
इस घटना के बाद मेरठ के लखवाया गाँव में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया है। रहीश अपने भाइयों व अब्बू के साथ आया और अरुण को घर से खींचकर बाहर निकाल कर ले गया। इसके बाद लाठी-डंडों से उसे बुरी तरह पीटा।
अमेरिका कोरोना वायरस संक्रमण से हो रही मौतों के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। वहॉं अब 3 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 8,452 लोगों की जान भी जा चुकी है।
“दो कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने वाले 23 लोगों के सैंपल जाँच के लिए भेजे थे। 10 लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इनमें 8 महिलाएँ हैं। सभी संक्रमित 12 लोगों को अस्पताल में क्वारंटाइन किया गया है। जिन्हें संक्रमित नहीं पाया गया है उन्हें उनके घरों में 14 दिन के लिए आइसोलेट किया गया है।”
पीएम मोदी ने लोगों से 5 अप्रैल की रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद कर दीया, मोमबत्ती या टॉर्च जलाने की अपील कर रखी है। टीएमसी से जुड़े प्रसून भौमिक ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि जो ऐसा करेंगे उनके घरों के दरवाजे पर निशान लगा कर चिह्नित किया जाएगा।
15 दिसंबर को जामिया नगर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हुई हिंसा के मामले में क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट के सामने पेश किया। अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
भारत 'कोरोना कर्व' को 'फ्लैट' करने की तरफ़ बढ़ रहा है। अगर यह सिलसिला जारी रहा तो यह जल्द ही कुछ राहत लेकर आएगा। इसकी वजह केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उठाए गए कदम हैं। सरकारों ने 12 मार्च के बाद ही जगह-जगह एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए थे।