महाराष्ट्र कोरोना वायरस के संक्रमण से देश के सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में हैं। ऐसे वक्त में सोशल मीडिया में एक समूह रोजाना उसकी प्रशस्ति गान में जुटा है। लेकिन, इस गैंग के दावे और जमीनी हालात कहीं मेल नहीं खाते।
इस सवाल पर पुलिस अधिकारी भी ठहाका मारने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने सवाल पूछने वाले व्यक्ति से कहा कि अनुमति नहीं मिलने की बात कह वह अपनी दूसरी बीवी से नहीं आने का बहाना बना सकता है।
अंधराठाढ़ी थाना के गीदरगंज गाँव से चार जमाती और हरना गाँव की एक मस्जिद से 11 बंगाली जमातियों को क्वारंटाइन किया गया था। इन सभी को क्वारंटाइन करने के बाद पुलिस ने मस्जिद को भी सैनिटाइज किया। ब्लीचिंग पाउडर और केमिकल्स के साथ पूरे इलाक़े में अग्निशमन विभाग को लगाया गया था।
अस्पताल में शौच करने से लेकर संक्रमण फैलाने के उद्देश्य से थूकने और हमला करने तक, भारत से लेकर पाकिस्तान तक जमातियों में विचित्र एकरूपता देखी जा रही है। परिस्थितियाँ ऐसी बन गई हैं कि स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मियों के बड़े हिस्से का कीमती वक़्त इनकी बदसलूकी से निपटने में जाया हो रहा है।
तेलंगाना के रहने वाले इस व्यक्ति के अनुसार तबलीगी जमात पूरी दिनचर्या तय करता है। खाने-पीने से लेकर मल-मूत्र त्याग करने तक सब कुछ। यहाँ तक कि सेक्स कैसे करना है, ये भी जमात ही सिखाता था। यह भी कहा जाता था कि बीमार पड़ने पर डॉक्टरों के पास नहीं जाना चाहिए और अल्लाह में यकीन करना चाहिए।
देवकी भंडारी ने बताया कि बैंक में एफडी और पेंशन की रकम से कुल 10 लाख रुपए जमा हुए थे। कोरोना संकट को देखते हुए उन्होंने जीवन भर की कमाई इस महामारी से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री केयर फंड में दे दी है।
अस्पताल ने शव WHO प्रोटोकॉल के तहत सील बॉडी बैग में सौंपा था। लेकिन मृतक के बेटों ने इसकी अनदेखी करते हुए बैग से शव निकाल स्नान कराया। लोगों को जुटाकर जनाजा निकाला और पूरे रीति-रिवाज के साथ शव को दफनाया।
प्रतीक चिह्न की ऊपरी परिधि में ट्रस्ट का नाम लिखा है, जबकि नीचे 'रामो विग्रहवान धर्म:' अंकित किया गया है, जिसका अर्थ है- भगवान श्रीराम धर्म के साक्षात् साकार रूप हैं। इस तस्वीर में भगवान अभयदान की मुद्रा में दिख रहे हैं।
शकुंतला हलदर अपने ही घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलीं। उनके पति चंद्र हलदर घर के पिछले हिस्से में आम के पेड़ से लटके हुए थे। हत्या का आरोप सत्ताधारी दल टीएमसी के गुंडों पर लग रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि मृतक दंपती के बेटों को घर में घुसकर धमकी दी गई है।
भारतीय चिकित्सा अनुसन्धान परिषद ने बताया कि अभी तक उसने कुल 1,21,271 टेस्ट किए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि देश में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की कोई कमी नहीं होगी। मंत्रालय ने कहा कि न कोई कमी है और न ही भविष्य में ऐसा होने की कोई संभावना है।