महफूज उर रहमान तबलीगी जमात को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों को धमकाया है। उसने कहा कि देश के मीडिया हाउस तबलीगी जमात और कोरोना वायरस की आड़ में प्रोपेगेंडा फैलाकर एक समुदाय को जानबूझकर निशाना बना रहे हैं।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने कहा कि गंगा नदी की धारा में ऑक्सीजन का स्तर काफी हद तक बढ़ गया है और पानी की गुणवत्ता बेहतर हुई है। अब यह पानी नहाने लायक है।
ये सभी लोग 10 लोग जनवरी को इंडोनेशिया से भारत आए थे। श के कई शहरों में इनका मूवमेंट रहा है। फ़िलहाल ये साहिबाबाद इलाक़े में छिप कर रह रहे थे। पुलिस ने इन सभी को क्वारंटाइन के लिए भेजा है। इनको पनाह देने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो सकती है।
पीड़िता की मॉं का कहना है कि मुनीर ने फिरौती में चार लाख रुपए लेने के बाद भी उनकी बेटी को नहीं लौटाया। उसने कहा कि बच्ची ने इस्लाम कबूल कर लिया। उन्होंने अपनी अन्य बेटियों को अगवा किए जाने की आशंका भी जताई है।
मौलवी अब्दुल्ला ने पूरे हमले की साजिश रची थी। वह पाकिस्तानी नागरिक है और पहले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था। इसके बाद वो तहरीक-ए-तालिबान में सक्रिय रहा। फिर आईएसकेपी का प्रमुख बना। हमले में 27 लोगों की मौत हो गई थी।
कौशल्या फाउंडेशन न सिर्फ़ उनलोगों को हाइजेनिक भोजन पहुँचा रहा है, बल्कि उन्हें कोरोना वायरस के ख़तरों के प्रति जागरूक भी कर रहा है। उन्हें सुरक्षा और बचाव के सामान भी दिए जा रहे हैं। इस काम में कई स्वयंसेवक लगाए गए हैं।
5 लाख गायों के रहने की व्यवस्था के लिए 5000 शेल्टर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी 'डेली ब्रीफिंग' के दौरान इन गायों के बारे में ज़रूर पूछते हैं। लॉकडाउन के दौरान जानवरों को खिलाने के लिए कई कर्मचारियों व एनजीओ के स्वयंसेवकों को लगाया गया है।
एक महिला ने कहा कि एक तरफ़ कोरोना वायरस से संक्रमण का प्रकोप है, दूसरी तरफ़ कोई मरने के लिए कीड़ों वाला खाना क्यों खाएगा? महिला ने कहा कि खाना अधपका है, जिससे बच्चों के भी बीमार होने का ख़तरा है।
पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि इंस्पेक्टर आईबी अजमेरी और सब इंस्पेक्टर एसएस डरैया शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान दोनों आहवा कलेक्टर कार्यालय के निकट की मस्जिद में मौलवी और अन्य के साथ सामूहिक नमाज पढ़ने चले गए।