खबर है कि प्रदर्शनकारियों का एक गुट सड़क का एक हिस्सा खोले जाने के पक्ष में है। दूसरा इसका विरोध कर रहा। मतभेद उभरने के बाद एक-दूसरे पर स्टेज से चप्पलें फेंकी जाने की भी सूचना है।
पुलिस के मुताबिक शहजाद ने फोन कर किशोरी से संपर्क किया और उसे झॉंसे में लेकर दिल्ली चला गया। किशोरी के परिजनों ने शहजाद पर उसे अगवा करने का आरोप लगाया था। साथ ही कहा था कि वह किशोरी का धर्म परिवर्तन कराना चाहता है।
फिरोज बख्त ने सीएए के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, "मोदी और उनके साथियों सलाम कि उन्होंने ऐसे लोगों (पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों) को नागरिकता देने का निर्णय लिया है।"
बंधक संकट करीब 8 घंटे चला। मोहम्मदाबाद के कठरिया गॉंव में बच्चों को बंधक बनाने वाले सुभाष ने बाथम को देर रात पुलिस ने मार गिराया। इसके बाद सभी बच्चे उसके घर से सुरक्षित निकाले गए।
शातिर बदमाश उन लोगों को सबक सिखाना चाहता था, जिन्होंने उसे जेल भिजवाने में पुलिस की मदद की थी। उन सबको सबक सिखाने के लिए बदमाश ने 20 बच्चों को बहाने से बुलाकर घर में बंधक बना लिया।
मकर संक्रांति के दिन तीस हजारी कोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि हमे जगह मिले तो हर एक कोर्ट और बार में भी मोहल्ला क्लीनिक बना देंगे।
नीरज प्रजापति की मृत्यु तब हुई जब उनके सर पर CAA के समर्थन में लोहे की रॉड से हमला किया गया। पुलिस का कहना है कि उनकी मृत्यु इस चोट की वजह से अत्यधिक खून बहने और घाव पर सेप्टिक होने से हुई।
गृहमंत्री अमित शाह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की है और कमिश्नर को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शाह ने ट्वीट करते हुए कहा कि सरकार इस तरह की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं करेगी।
हाल ही में न्यूज़ नेशन के संपादक दीपक चौरसिया पर शाहीन बाग़ में हुए हमले के बाद दिल्ली में ही प्रदर्शनकारियों ने ज़ी न्यूज़ के पत्रकारों पर हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरकेडिंग तोड़कर पत्रकारों को घेरकर पीटा, यही नहीं उन्हें लात-घूँसे मारे गए।