खलीफा ने खुलासा किया है कि राम मंदिर पर फैसला आते ही पीएफआई सक्रिय हो गया था। पीएफआई के लोग घर-घर जाकर मुस्लिमों को उकसा रहे थे। इसी कड़ी में 20 दिसम्बर को जुमे की नमाज के बाद पुलिस पर हमले की साज़िश रची गई थी।
15 विधायकों को बेटिकट कर पार्टी ने 5 ऐसे चेहरों पर दॉंव लगाया है जो उम्मीदवारों की सूची जारी होने से 24 घंटे पहले ही पार्टी में शामिल हुए थे। सूची जारी होने के बाद आप में बगावत भी तेज हो गई है।
राज्य में शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी के गठजोड़ में नवाब मलिक ने अहम भूमिका निभाई थी। एनसीपी उन्हें राज्य के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे के रूप में पेश करती रही है। उनके भाई का वीडियो वायरल होने पर उनका कोई बयान नहीं आया है।
कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर जब भी कोई बयान देते हैं या फिर कोई अजीबोगरीब हरकतें करते हैं, उसका फ़ायदा भाजपा को ही मिलता है। शायद यही कारण है कि पार्टी उन्हें एकांतवास में रखती है। लेकिन वो अचानक से बीच-बीच में निकल आते हैं और अपनी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा देते हैं।
"आपने अमित शाह को सलाह दी कि वो अपने नाम से 'शाह' उपनाम हटा लें। आपने कहा कि ये फ़ारसी शब्द है। आपने ये भी कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गठन मुस्लिमों पर हमला करने के लिए किया गया। आपने वीर सावरकर को देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराया।"
जहाँ एक तरफ़ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पदयात्रा कर के लगातार इस क़ानून के विरोध में रैलियाँ कर रही हैं, सीएए के समर्थकों को रोकने के लिए कई इलाक़ों कर्फ्यू लगा दिया जा रहा है। रैली में शामिल होने वाले लोगों पर मुक़दमा भी दर्ज किया जा रहा है।
शाहरुख़ ख़ान से भी वामपंथी लगातार अपील करते रहे हैं कि वो सरकार के ख़िलाफ़ बोलें लेकिन तीनों ख़ान ने इस सम्बन्ध में अब तक कोई बयान नहीं दिया है। अब स्थिति ये है कि शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों ने शाहरुख़ ख़ान को निशाना बनाया है। उन्होंने नाराज़गी जताई है।
मुंबई के प्रोफेसर ने दिसंबर के महीने में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को लेकर फेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट लिखा था। जिसके बाद उन्हें अनिवार्य 'छुट्टी' पर भेज दिया गया।
आज हम आपके सामने इंडिया टुडे की पत्रकारिता की पोल खोलने के लिए उनकी 5 ऐसी खबरें लेकर आए हैं। जब इस समूह ने अपने पाठक और दर्शक को सूचना देने के नाम पर या तो मजाक उड़ाया या फिर फेक न्यूज़ और व्यंग्य को खबर बताया।