जहाँ एक तरफ़ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पदयात्रा कर के लगातार इस क़ानून के विरोध में रैलियाँ कर रही हैं, सीएए के समर्थकों को रोकने के लिए कई इलाक़ों कर्फ्यू लगा दिया जा रहा है। रैली में शामिल होने वाले लोगों पर मुक़दमा भी दर्ज किया जा रहा है।
शाहरुख़ ख़ान से भी वामपंथी लगातार अपील करते रहे हैं कि वो सरकार के ख़िलाफ़ बोलें लेकिन तीनों ख़ान ने इस सम्बन्ध में अब तक कोई बयान नहीं दिया है। अब स्थिति ये है कि शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों ने शाहरुख़ ख़ान को निशाना बनाया है। उन्होंने नाराज़गी जताई है।
मुंबई के प्रोफेसर ने दिसंबर के महीने में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को लेकर फेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट लिखा था। जिसके बाद उन्हें अनिवार्य 'छुट्टी' पर भेज दिया गया।
आज हम आपके सामने इंडिया टुडे की पत्रकारिता की पोल खोलने के लिए उनकी 5 ऐसी खबरें लेकर आए हैं। जब इस समूह ने अपने पाठक और दर्शक को सूचना देने के नाम पर या तो मजाक उड़ाया या फिर फेक न्यूज़ और व्यंग्य को खबर बताया।
नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन को लेकर प्रोग्राम किया गया और उसमें स्कूल के छात्रों को ले जाया गया तो NDTV के पत्रकार सोहित राकेश मिश्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्कूल में छात्रों को नागरिकता कानून के बारे में बताना राजनीति है, क्योंकि इसे अभी तक बड़े लोग नहीं समझ सके हैं।
तेलंगाना के एकमात्र भाजपा विधायक राजा सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया है। वो भैंसा के पीड़ित हिन्दुओं से मिलने के लिए जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के इशारे पर उन्हें हिन्दू वाहिनी के पीड़ित लोगों से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
दीपिका पादुकोण को लेकर सभी बड़े ब्रांड्स अब सेफ खेल रहे हैं। कई ब्रांड्स ने ऐसा कहा है कि वो दीपिका वाली प्रचार वीडियोज को कम दिखा रहे हैं। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में भी 'ब्रांड दीपिका' पर असर पड़ सकता है। बॉक्स ऑफिस और विज्ञापन, दोनों ही मामलों में दीपिका की मुसीबतें बढ़ रही हैं।
शाहीन बाग़ में हो रहे विरोध प्रदर्शन के नाम पर लोग अंडे व बिरयानी खा रहे हैं। वहाँ पिकनिक मनाए जाने व लोहड़ी का नाच-गान करने की ख़बरें भी आईं। कई रास्तों के बंद होने से लोगों को दफ्तर आने-जाने में कई घंटे ज्यादा लग रहे हैं। बच्चों को भी स्कूल जाने में परेशानी हो रही है।
पत्रकार देसाई ने दावा किया कि पूरे स्टेडियम में काले रंग को प्रतिबंधित कर दिया गया है। यहाँ तक कि काले रंग की टीशर्ट या टोपी पहने लोगों को भी अंदर घुसने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि काला रंग 'विरोध का प्रतीक' है, इसीलिए ऐसा किया जा रहा है।