Homeदेश-समाजनिर्भया के दोषियों की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज: 22 जनवरी को...

निर्भया के दोषियों की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज: 22 जनवरी को फाँसी देने का रास्ता साफ

कोर्ट में दोषियों की याचिका खारिज होने के बाद निर्भया की माँ आशा देवी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज का दिन उनके लिए बहुत बड़ा दिन है। इसके लिए 7 साल से स्ट्रगल कर रही हैं, लेकिन सबसे बड़ा दिन 22 जनवरी को होगा, जब इन दोषियों को फाँसी के तख्ते पर लटकाया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (जनवरी 14, 2019) को निर्भया के दोषियों विनय शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटिशन पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया। बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा डेथ वारंट जारी होने के बाद दोनों दोषियों ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। ऐसे में 22 जनवरी को दी जाने वाली फाँसी का रास्ता साफ हो गया। हालाँकि, अब भी इन दोनों के पास सिर्फ राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर करने का ही एकमात्र विकल्प बचा है।

यह सुनवाई जस्टिस एनवी रमन्ना की अगुवाई वाली पाँच सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने की। इस बेंच में जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस अशोक भूषण शामिल थे। कोर्ट में दोषियों की याचिका खारिज होने के बाद निर्भया की माँ आशा देवी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज का दिन उनके लिए बहुत बड़ा दिन है। इसके लिए 7 साल से स्ट्रगल कर रही हैं, लेकिन सबसे बड़ा दिन 22 जनवरी को होगा, जब इन दोषियों को फाँसी के तख्ते पर लटकाया जाएगा।

कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले निर्भया की माँ ने अहम बयान देते हुए कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि दोषियों की क्यूरेटिव पेटिशन सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो जाएगी। निर्भया के दोषियों को 22 जनवरी को फाँसी दी जाएगी और निर्भया को न्याय मिलेगा।

इससे पहले निर्भया की माँ ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दायर कर दोषियों के डेथ वारंट की माँग की थी, जिस पर कोर्ट ने 7 जनवरी को निर्भया की माँ के हक में फैसला सुनाया। कोर्ट ने 2012 के निर्भया गैंगरेप दोषी मुकेश, पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार सिंह के खिलाफ डेथ वारंट जारी करते हुए कहा था कि दोषियों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में फाँसी दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि तिहाड़ जेल में फाँसी की तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। रविवार (जनवरी 12, 2019) को दोषियों की डमी को फाँसी दी गई थी। यह प्रक्रिया फाँसी से पहले की रिहर्सल मानी जाती है। इसके लिए पत्थरों और मलबे से चारों दोषियों की डमी उनके वजन के हिसाब से तैयार की गई थी। हालाँकि, इस प्रक्रिया के लिए जल्लाद नहीं बुलाया गया और जेल अधिकारियों ने ही इस प्रक्रिया को अंजाम दिया था।

जेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दोषियों के वजन के मुताबिक ही डमी बनाई गई थी। डमी के बोरे में मलबा और पत्थर भरे थे। उन्होंने बताया कि दोषियों को जेल संख्या तीन में फाँसी दी जाएगी। उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन ने पुष्टि कर दी है कि चारों दोषियों को फाँसी देने के लिए मेरठ से पवन जल्लाद को भेजा जाएगा। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

15 अगस्त से ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करने के लिए अभिजीत दीपके फिर तैयार, झारखंड पर बोलते वक्त पड़ गए थे बीमार: समझिए CJP की अवसरवादी...

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म होने और झारखंड आंदोलन से दूरी के बाद, CJP 15 अगस्त से ग्रामीण स्कूलों के सोशल ऑडिट का नया पैंतरा लाएगी।

‘गोली मार दो, लेकिन पूरा ‘वंदे मातरम’ नहीं गाएँगे’: 76 साल बाद भी नहीं बदला कॉन्ग्रेसियों का चरित्र, इस्लामी कट्टरपंथियों को खुश करने के...

केरल में कॉन्ग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने कहा है, " नरेंद्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी दें, तब भी 'वंदे मातरम' को पूरा नहीं गाया जाएगा।"
- विज्ञापन -